शिवसेना (उबाठा) सांसद आष्टीकर ने सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने की पुष्टि की

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शिवसेना (उबाठा) सांसद आष्टीकर ने सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने की पुष्टि की

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  • Publish Date - June 21, 2026 / 06:16 PM IST,
    Updated On - June 21, 2026 / 06:16 PM IST

छत्रपति संभाजीनगर, 21 जून (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के बागी सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर ने रविवार को दावा किया कि वह और अन्य सदस्य 18 जून तक ‘कहीं नहीं गए थे’, लेकिन उनके खिलाफ कुछ टिप्पणियां किए जाने के बाद उन्होंने अपना मन बदल लिया। उनका यह इशारा जाहिर तौर पर पार्टी नेता संजय राउत की ओर था।

‘ऑपरेशन टाइगर’ की अफवाहें शुरू होने के बाद पहली बार सामने आए हिंगोली के सांसद ने पुष्टि की कि वह उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं।

अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो क्लिप में आष्टीकर ने कहा कि उन्होंने अपनी विचारधारा से कोई समझौता नहीं किया है और ‘बस एक शिवसेना (उबाठा) से दूसरी शिवसेना में चले गए हैं’।

उन्होंने पार्टी छोड़ने के अहम कारणों के तौर पर विकास फंड की कमी और विपक्ष में रहने के अन्य नुकसानों का भी ज़िक्र किया, जैसे कि पार्टी कार्यकर्ताओं के काम न हो पाना।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने और शिवसेना (उबाठा) के कुछ अन्य सांसदों ने 18 जून तक कोई फैसला नहीं किया था। हम कहीं नहीं गए थे। हालांकि, बृहस्पतिवार से हमारे खिलाफ कुछ टिप्पणियां की गईं, जिससे हमें लगा कि शिवसेना (उबाठा) में बने रहने का कोई मतलब नहीं है।’’

आष्टीकर ने साफ किया कि वह शिवसेना (उबाठा) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और पार्टी नेता संजय राउत से नाराज नहीं हैं। राउत बागी सांसदों के सबसे मुखर आलोचक रहे हैं और उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था।

आष्टीकर ने दावा किया, ‘‘चूंकि हम सत्ता पक्ष में नहीं हैं, इसलिए पार्टी कार्यकर्ताओं के काम नहीं हो पा रहे हैं। लोगों ने हमें बहुत उम्मीदों के साथ चुना था और उनके काम करवाना मेरी जिम्मेदारी है। लेकिन मुझे कोई विकास फंड नहीं मिल रहा था। पांच करोड़ रुपये की सांसद क्षेत्र विकास निधि बहुत कम है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए, मैंने यह फैसला लिया है।’’

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप