बेंगलुरु, 23 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही एक सप्ताह से अधिक समय तक बाधित करने को लेकर रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) पर निशाना साधा।
शिवकुमार ने दोनों सदनों के भीतर विपक्ष की नारेबाजी को ‘गुंडागर्दी’ करार देते हुए कहा कि भाजपा और जद (एस) में विधानसभा में कांग्रेस का सामना करने की ताकत नहीं है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दोनों दल, कांग्रेस के टिकट पर अधिक संख्या में आदिवासी और दलित विधायकों के चुने जाने से ईर्ष्या कर रहे हैं।
शिवकुमार ने पत्रकारों से कहा, ‘देश में कानून का राज है। उन्हें कानून के दायरे में रहकर जो करना है, करने दें। वे आज जो कर रहे हैं, वह गुंडागर्दी है।’
मुख्यमंत्री विपक्ष द्वारा दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित किए जाने का जिक्र कर रहे थे। विपक्ष की मांग है कि योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाया जाए।
नागेंद्र पर सिद्धरमैया सरकार में मई 2023 से जून 2024 तक जनजातीय कल्याण मंत्री रहने के दौरान कर्नाटक राज्य महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में 89 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोप हैं।
शिवकुमार ने कहा कि विपक्ष को सदन की कार्यवाही बाधित करने के बजाय नोटिस देकर चर्चा की मांग करनी चाहिए थी।
शिवकुमार ने कहा, ‘‘अपनी बात रखने, धरना देने या विरोध-प्रदर्शन करने में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन मैं उनसे बस इतना कह रहा हूं कि वे पहले एक छोटा नोटिस दें, बातचीत के लिए आएं और पूछें कि उन्हें (नागेंद्र को) इस्तीफा क्यों देना चाहिए।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष में धैर्य की कमी है। उन्होंने कहा, ‘भाजपा और जदएस में विधानसभा में कांग्रेस का सामना करने की ताकत नहीं है।’
भाषा शुभम सुरेश
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