बेंगलुरु, 26 जून (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को आबकारी अधिकारियों को सरकार की छवि खराब करने वाले किसी भी कार्य के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि जरूरत पड़ने पर उनका अन्य विभागों में तबादला करने के लिए कानूनी प्रावधान किये जा सकते हैं।
यहां विधान सौध में आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक करते हुए, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बहुत सावधानी से काम करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप गरिमापूर्ण ढंग से काम करेंगे, तो सरकार की गरिमा बढ़ेगी। यदि आप सरकार की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कोई कार्य करेंगे, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। यह न समझें कि आबकारी विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों का तबादला किसी अन्य विभाग में नहीं किया जा सकता।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर तबादलों के लिए जरूरी कानूनी प्रावधान किये जा सकते हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘मैं आपको अत्यंत सावधानी से काम करने का स्पष्ट निर्देश दे रहा हूं।’’
शिवकुमार ने कहा कि वह ऐसे किसी भी कार्य को बर्दाश्त नहीं करेंगे जिससे उनकी सरकार की छवि खराब होती हो।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, उन्होंने हाल में लागू की गई एआईबी (पेय पदार्थों में अल्कोहल) नियमावली का जिक्र करते हुए कहा कि विभाग में एआईबी नियमावली लागू होने के बाद, 574 नये लाइसेंसों की ई-नीलामी करने का निर्णय लिया गया है। बयान में कहा गया है कि लाइसेंस नवीनीकरण राशि को दो किस्तों में भुगतान करने की सुविधा प्रदान की जाएगी।
शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने पड़ोसी राज्यों में आबकारी विभागों के कामकाज का विश्लेषण किया है और अधिकारियों से अपने लक्ष्य हासिल करने की कोशिश करने को कहा है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा, ‘‘यदि आप गरिमा के साथ काम करेंगे, तो विभाग की गरिमा बनी रहेगी। यदि विभाग की गरिमा बनी रहेगी, तो सरकार की गरिमा बढ़ेगी। सरकार की गरिमा को बढ़ाने वाले पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन करें। अन्यथा, कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’’
इससे पहले दिन में, वाणिज्यिक कर विभाग की एक अलग समीक्षा बैठक में, मुख्यमंत्री ने देश में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) वृद्धि हासिल करने में कर्नाटक के दूसरे स्थान पर रहने को लेकर खुशी जताई और कहा कि उन्हें भरोसा है कि राज्य चालू वित्त वर्ष में कर संग्रहण के लक्ष्यों को पार कर लेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह संतोष की बात है कि राज्य ने गुजरात, तमिलनाडु और हरियाणा की तुलना में अधिक वृद्धि हासिल की है।’’
भाषा सुभाष अविनाश
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