अमित शाह ने गोवा में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की

अमित शाह ने गोवा में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की

अमित शाह ने गोवा में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की
Modified Date: September 7, 2026 / 12:20 pm IST
Published Date: September 7, 2026 12:20 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

पणजी, सात सितंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को गोवा में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की।

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक पणजी के पास एक होटल में पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई।

शाह गोवा के तीन दिवसीय दौरे पर आए हैं।

बैठक में अंतरराज्यीय समन्वय, सहयोगात्मक शासन और सदस्य राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि अंतरराज्यीय परिषद सचिवालय तथा बैठक में भाग ले रहे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधिमंडल प्रस्तुतियां भी देंगे।

शाह शनिवार को गोवा पहुंचे थे। उन्होंने नशामुक्त देश के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण बैठक की रविवार को अध्यक्षता की थी।

उन्होंने ‘विकसित भारत’ पहल के तहत देश से मादक पदार्थों की समस्या को समाप्त करने के लिए एक रूपरेखा की घोषणा की है।

पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद में गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र के अलावा केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव शामिल हैं। पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद समेत पांच क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धाराओं 15 से 22 के तहत की गई थी।

शाह पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष हैं, जबकि गोवा के मुख्यमंत्री फिलहाल इसके उपाध्यक्ष हैं। परिषद के उपाध्यक्ष का पद सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री बारी-बारी से एक वर्ष के लिए संभालते हैं।

परिषद की मुख्य सचिव स्तर की एक स्थायी समिति भी है।

राज्यों की ओर से प्रस्तावित मुद्दों पर पहले इस समिति में चर्चा की जाती है। विचार-विमर्श के बाद भी जिन मुद्दों का समाधान नहीं हो पाता, उन्हें विचार के लिए क्षेत्रीय परिषद के समक्ष रखा जाता है।

अधिकारियों ने कहा कि इन परिषदों की भूमिका परामर्श देने की है, लेकिन वे विभिन्न क्षेत्रों में आपसी समझ और सहयोग के महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरी हैं।

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा


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