नायडू ने गरीबी-मुक्त समाज का संकल्प दोहराया, कल्याणकारी योजनाओं का खाका पेश किया
नायडू ने गरीबी-मुक्त समाज का संकल्प दोहराया, कल्याणकारी योजनाओं का खाका पेश किया
चामवरम (आंध्र प्रदेश), एक जून (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को कहा कि वह गरीबी-मुक्त समाज का सपना देखते हैं और गरीबों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
चामवरम गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पहले दिन से ही गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रही है और सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
नायडू ने कहा, ‘‘मेरा सपना गरीबी-मुक्त समाज देखना है। मैं हमेशा गरीबों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के बारे में सोचता हूं।’’
उन्होंने कहा कि विभिन्न श्रेणियों के तहत दी जाने वाली पेंशन बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रतिमाह तक कर दी गई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार केवल सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर ही प्रतिवर्ष 32,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, जो देश के किसी अन्य राज्य की तुलना में अधिक है।
नायडू ने कहा कि सरकार कल्याण, विकास और सुशासन सुनिश्चित करने के साथ-साथ रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए भी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है जिससे राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर नहीं जाना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 23 महीनों में 23 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया गया है, जिससे 23 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र को फिर से बहाल किया गया है और विशाखापत्तनम मुख्यालय वाले दक्षिण तटीय रेलवे जोन की लंबित मांग भी पूरी हो गई है।
नायडू ने सार्वजनिक स्वास्थ्य का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार एक सार्वभौमिक स्वास्थ्य नीति लागू करने की दिशा में काम कर रही है ताकि महंगे चिकित्सा उपचार के कारण लोग कर्ज के जाल में न फंसें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंध्र प्रदेश को ‘‘स्वस्थ आंध्र प्रदेश’’ में बदलने की दिशा में काम कर रही है।
पश्चिम एशिया संघर्ष का उल्लेख करते हुए नायडू ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं, जबकि राज्य में उत्पादित वाणिज्यिक फसलों के निर्यात पर भी असर पड़ा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि मौसम पूर्वानुमानों में सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताई गई है, लेकिन प्रभावी जल प्रबंधन के कारण जलाशय 65 प्रतिशत तक भरे हुए हैं, जिससे सरकार समय से पहले सिंचाई जल छोड़ने में सक्षम हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार अन्य पहलों के साथ-साथ गोदावरी पुष्करालु का भव्य आयोजन करने की भी तैयारी कर रही है, जो कुंभ मेले की तर्ज पर आयोजित होने वाली तीर्थयात्रा है।
इससे पहले नायडू ने काकीनाडा जिले में वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांग व्यक्तियों को मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरित की।
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तेदेपा नीत सरकार राज्यभर में 62.3 लाख लाभार्थियों को 2,729 करोड़ रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरित कर रही है।
विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तूनी विधानसभा क्षेत्र के चामवरम में ‘पेदला सेवा लो’ (गरीबों की सेवा में) कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांग व्यक्तियों को एनटीआर भरोसा कल्याण पेंशन वितरित की।’’
विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री प्रत्येक महीने की पहली तारीख को ‘पेदला सेवा लो’ कार्यक्रम में भाग लेते हैं और जुलाई 2024 से अब तक राज्य में 65,887 करोड़ रुपये की पेंशन वितरित की जा चुकी है।
तेदेपा प्रमुख नायडू ने आरोप लगाया कि युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी(वाईएसआरसीपी) ‘‘षड्यंत्रों’’ के माध्यम से तेदेपा नीत सरकार के सुशासन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि वाईएसआरसीपी शासनकाल में शिक्षकों की कोई भर्ती नहीं की गई थी और पिछली सरकार इस संबंध में 241 अदालती मामलों की विरासत छोड़ गई थी, जिन्हें तेदेपा नीत सरकार ने सुलझाकर भर्ती प्रक्रिया पूरी की।
उन्होंने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी राज्य में हाल में हुई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है, जबकि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित की गई थी।
भाषा अमित नरेश
नरेश

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