सिद्धरमैया टूटे-फूटे ट्रक जैसी प्रशासनिक व्यवस्था छोड़कर गए हैं: अशोक

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सिद्धरमैया टूटे-फूटे ट्रक जैसी प्रशासनिक व्यवस्था छोड़कर गए हैं: अशोक

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  • Publish Date - June 1, 2026 / 08:47 PM IST,
    Updated On - June 1, 2026 / 08:47 PM IST

बेंगलुरु, एक जून (भाषा) कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने सोमवार को कहा कि सिद्धरमैया एक ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था छोड़कर गए हैं, जो ‘टूटे-फूटे ट्रक’ (खस्ताहाल) जैसी है।

उन्होंने कहा कि नामित मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को अब सभी लंबित देनदारियों और कर्जों का भुगतान करना होगा, और इसके लिए वह जनता पर और अधिक कर लगाएंगे।

अशोक ने कहा, “सिद्धरमैया को लगता था कि उन्हें हटाया नहीं जाएगा, क्योंकि वह पिछड़ी जाति से संबंध रखने वाले एकमात्र मुख्यमंत्री और एकमात्र अहिंदा (अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित) नेता थे। उन्होंने राहुल गांधी के दबाव के कारण इस्तीफा दिया है।”

उन्होंने कहा कि अतीत में इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने वीरेन्द्र पाटिल, देवराज उर्स और एस. बंगारप्पा जैसे नेताओं को भी मुख्यमंत्री पद से हटाया था।

अशोक ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह पिछड़े वर्गों को नजरअंदाज कर रही है।

भाजपा नेता ने यह भी कहा कि राहुल गांधी भले ही खुद को पिछड़े वर्गों का समर्थक बताते हों, लेकिन वास्तव में वह उनके खिलाफ हैं।

अशोक के अनुसार, सिद्धरमैया ने तीन और महीने मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का अनुरोध किया था, लेकिन पार्टी आलाकमान ने इसे स्वीकार नहीं किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब पिछड़े वर्गों की हितैषी होने का दावा नहीं कर सकती और सिद्धरमैया के कुरुबा समुदाय में भी पार्टी के प्रति नाराजगी है।

उन्होंने कहा कि 2028 के चुनावों में मतदाता कांग्रेस को सबक सिखाएंगे।

अशोक ने कांग्रेस सरकार की तुलना एक पुराने, खटारा ट्रक से की, जिसका चालक बदल गया है लेकिन वाहन वही है।

उन्होंने कहा कि सिद्धरमैया ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान भारी कर्ज लिया और अब कर्जग्रस्त स्थिति में प्रशासन शिवकुमार को सौंपा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बदलने से राज्य की वित्तीय स्थिति नहीं बदलेगी।

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप