गंगटोक, 21 जुलाई (भाषा) सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने मंगलवार को नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग ढहने की घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
सोमवार को निर्माणाधीन सुरंग के ढह जाने से कुछ परियोजना अधिकारियों समेत 25 श्रमिक उसमें फंस गए थे। इनमें से 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है।
मुख्यमंत्री ने एक बयान में यह भी घोषणा की कि सोमवार को समरदुंग के झोरलुंगे में एनएचपीसी की तीस्ता चरण-6 परियोजना की सुरंग ढहने का कारण बनी मीथेन गैस के विस्फोट की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा।
तमांग दिन में पहले घटनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि सुरंग में फंसे श्रमिकों की तलाश के लिए जारी अभियान में सहायता करने हेतु पड़ोसी पश्चिम बंगाल से खनन बचाव कार्यों में विशेषज्ञ एक विशेष टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बचाव अभियान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य स्थानीय अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है।
एनएचपीसी ने एक बयान में कहा, ‘‘20 जुलाई, 2026 को अपराह्न 1.04 बजे दक्षिण सिक्किम के समरदुंग स्थित एनएचपीसी की तीस्ता चरण-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन हेड रेस टनल (एचआरटी) के भीतर चट्टानों में फंसी या समाई हुई संदिग्ध मीथेन गैस के अचानक बाहर आने से विस्फोट हुआ, जिससे घना धुआं और जहरीली गैस फैल गईं। इसी के कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई।’’
भाषा अमित नरेश
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