प्रख्यात गायिका आशा भोसले का निधन, विभिन्न मुख्यमंत्रियों समेत अन्य नेताओं ने शोक जताया

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प्रख्यात गायिका आशा भोसले का निधन, विभिन्न मुख्यमंत्रियों समेत अन्य नेताओं ने शोक जताया

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  • Publish Date - April 12, 2026 / 07:46 PM IST,
    Updated On - April 12, 2026 / 07:46 PM IST

नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (भाषा) प्रख्यात गायिका आशा भोसले के निधन पर रविवार को विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, राजनीतिक नेताओं समेत कई लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘संगीत का वह सुनहरा सुर, जिसने पीढ़ियों को जोड़ा और भावनाओं को धुन में पिरोया, आज खामोश हो गया है।’’

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘प्रसिद्ध गायिका ‘सुर सम्राज्ञी’ आशा भोसले जी का निधन अत्यंत दुखद है। अपनी ऊर्जावान और बहुमुखी गायकी से उन्होंने संगीत जगत को समृद्ध किया और अनगिनत अमर गीतों के माध्यम से पीढ़ियों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी।’’

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘‘यह सिर्फ एक आवाज नहीं थी… यह एक युग था। हर गीत भावनाओं से भरा था, हर सुर जादू से ओतप्रोत था। आशा भोसले जी ने सिर्फ गीत नहीं गाये, बल्कि उसे जिया।’’

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने लिखा, ‘‘संगीत जगत की मधुरता की महारानी, ​​पूजनीय आशा भोसले जी के निधन की खबर अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है।’’

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को कहा कि दिग्गज गायिका आशा भोसले की मधुर और विशिष्ट आवाज ने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया तथा करोड़ों लोगों के दिलों में उन्हें एक अमिट स्थान दिलाया।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दिग्गज गायिका आशा भोसले जी के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। उनकी आवाज ने भारतीय संगीत के युगों को परिभाषित किया और अनगिनत लोगों के जीवन को छुआ। उनके सदाबहार गीतों के माध्यम से उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।’’

केरल में कांग्रेस नेता वी. डी. सतीशन और भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख राजीव चंद्रशेखर भोसले के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भारत की सबसे बहुमुखी और चिरस्थायी संगीत हस्तियों में से एक बताया।

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत आशा भोसले जी के निधन पर शोक व्यक्त करता है। उनकी आवाज ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को अतुलनीय रूप से समृद्ध किया। उनके गीत अमर रहेंगे। मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।’’

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भारतीय फिल्म उद्योग की प्रख्यात पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। संगीत जगत को उस मधुर गायिका के खोने से अपार क्षति पहुंची है।’’

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘प्रसिद्ध गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले जी के निधन की खबर बेहद दुखद है। उनके देहांत से संगीत जगत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है।’’

कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने भी शोक व्यक्त किया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पोस्ट किया कि भारतीय संगीत जगत की एक प्रख्यात हस्ती – ‘मधुरता की कोकिला’ और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले जी का निधन बेहद दुखद है।

कांग्रेस नेता व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पार्टी की महासचिव एवं सिरसा से सांसद कुमारी शैलजा ने भी उनके निधन पर दुख जताया।

तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा, ‘‘उनकी धुनें हमारे राष्ट्र के ताने-बाने में बुनी हुई हैं और उनकी विरासत लाखों लोगों के दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी।’’

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनका निधन देश के सांस्कृतिक और कलात्मक जगत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति है।

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी पोस्ट करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान में कहा, “आने वाली पीढ़ियां आशा भोसले को भारतीय संस्कृति की एक ऐसी हस्ती के रूप में याद रखेंगी, जिनमें अपनी मधुर आवाज से लोगों को मंत्रमुग्ध करने की अनूठी क्षमता थी।’’

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा तथा राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी प्रख्यात गायिका के निधन पर दुख व्यक्त किया।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मैं आशा दीदी से कहना चाहता था…‘अभी ना जाओ छोड़कर’…लेकिन आज उनकी आवाज खामोश हो गई है।’’

भाषा यासिर रंजन

रंजन