एसआईआर निष्पक्ष तरीके से और कानूनी प्रक्रिया के तहत कराया जा रहा : मेघवाल

एसआईआर निष्पक्ष तरीके से और कानूनी प्रक्रिया के तहत कराया जा रहा : मेघवाल

एसआईआर निष्पक्ष तरीके से और कानूनी प्रक्रिया के तहत कराया जा रहा : मेघवाल
Modified Date: July 31, 2026 / 01:12 pm IST
Published Date: July 31, 2026 1:12 pm IST

नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) सरकार ने राज्यसभा को बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया किसी भी समूह या समुदाय के प्रति बिना किसी पूर्वाग्रह के और कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए संपन्न कराई जा रही है।

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बृहस्पतिवार को एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी संविधान के तहत निर्वाचन आयोग के उस अधिकार को मान्यता दी है, जिसके तहत वह मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करा सकता है।

मेघवाल ने कहा, ‘‘एसआईआर किसी भी समूह या समुदाय के प्रति बिना भेदभाव के और कानून की प्रक्रिया का पालन करते हुए संपन्न कराया जाता है।’’

उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग समय-समय पर स्पष्ट करता रहा है कि एसआईआर के प्रत्येक चरण में आंतरिक गुणवत्ता जांच की जाती है। इसमें बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा किए गए गणना कार्य का पर्यवेक्षण अधिकारियों के माध्यम से सत्यापन, हटाए गए नामों का बिना किसी क्रम का नमूना ऑडिट और प्रारूप तथा अंतिम मतदाता सूचियों का सार्वजनिक प्रकाशन शामिल है, ताकि राजनीतिक दल और मतदाता इसकी जांच कर सकें।

मंत्री ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा कराए गए एसआईआर अभ्यास के बाद नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों की संयुक्त मतदाता सूची में नामों में 10.2 प्रतिशत की कमी आई है। इस प्रक्रिया में 60 लाख से अधिक मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक ने एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताई है, खासकर पश्चिम बंगाल के संदर्भ में।

मेघवाल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत संसद और राज्य विधानसभाओं के चुनावों के लिए मतदाता सूचियों की तैयारी और चुनावों के संचालन की निगरानी, निर्देशन और नियंत्रण की जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की है।

उन्होंने कहा कि अतीत में भी निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया कराई जाती रही है।

भाषा

मनीषा माधव

माधव


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