कोलकाता, एक जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से तृणमूल कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार में महिलाओं के लिए शुरू की गई नकद अंतरण योजना ‘लक्ष्मीर भंडार’ के कथित फर्जी खातों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने को कहा है।
शुभेंदु अधिकारी ने यहां राज्य सचिवालय नबान्न में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मामले में धन शोधन संबंधी जांच भी की जाएगी, क्योंकि इसमें अवैध नकद अंतरण शामिल है।
मुख्यमंत्री ने साथ ही कहा कि यह पाया गया है कि पिछली तृणमूल सरकार के दौरान महिलाओं के लिए बनी इस वित्तीय सहायता योजना का लाभ पुरुषों ने उठाया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ ‘लक्ष्मीर भंडार’ के करीब 30 लाख खाते फर्जी हैं। मैंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने को कहा है।’’
उन्होंने कहा कि जो लोग नयी भाजपा सरकार की ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ के लिए 12 पृष्ठों के सत्यापन प्रपत्र पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पिछली ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना में सामने आई अनियमितताओं को ध्यान में रखना चाहिए। ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ में महिला लाभार्थी को दी जाने वाली वित्तीय सहायता बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह की जाएगी।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि झूठे दावों के जरिये इस कल्याणकारी योजना का लाभ हासिल करने के आरोप में कुछ पुरुषों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इन अनियमितताओं को जमीनी स्तर पर खत्म करेंगे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधवार को बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों को ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के तहत लाभ जारी किए जाएंगे।
भाषा सिम्मी दिलीप
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