शिवगिरि मठ प्रमुख ने यूडीएफ मंत्रिमंडल में पिछड़े वर्गों के लिए अधिक प्रतिनिधित्व की मांग की

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शिवगिरि मठ प्रमुख ने यूडीएफ मंत्रिमंडल में पिछड़े वर्गों के लिए अधिक प्रतिनिधित्व की मांग की

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  • Publish Date - May 17, 2026 / 03:34 PM IST,
    Updated On - May 17, 2026 / 03:34 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 17 मई (भाषा) शिवगिरि मठ के प्रमुख स्वामी सच्चिदानंद ने केरल में संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएफ) सरकार के मंत्रिमंडल में पिछड़े वर्ग के विधायकों के लिए अधिक प्रतिनिधित्व की रविवार को मांग की।

श्री नारायण गुरु द्वारा स्थापित शिवगिरि मठ एझावा समुदाय का एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है।

उन्होंने यहां नामित मुख्यमंत्री वी डी सतीशन से मुलाकात के बाद पत्रकारों से यह बात की। सच्चिदानंद ने कहा कि उन्होंने सतीशन को बधाई दी और अपनी मांगों को रेखांकित करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने वाले यूडीएफ के नौ सदस्य श्री नारायण संगठनों से जुड़े हैं।

मठ के प्रमुख ने कहा, “हमने अनुरोध किया है कि उनमें से कम से कम तीन या चार योग्य व्यक्तियों को मंत्री बनाया जाए। हमें उम्मीद है कि वह (सतीशन) इस पर विचार करेंगे।”

उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान यूडीएफ नेताओं को सीट के लिए उम्मीदवारों की एक सूची सौंपी गई थी, जिनमें से नौ विजयी हुए।

सच्चिदानंद ने कहा, “पिछड़े समुदायों से निर्वाचित हुए सदस्यों की संख्या बढ़ी है और हम इससे खुश हैं। मंत्रियों और उनके निजी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए दिशानिर्देश होने चाहिए।”

सच्चिदानंद ने कहा कि मठ ने एक और अनुरोध भी किया है। उन्होंने कहा, “केरल में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति विभाग और उसके लिए एक मंत्री है। पिछड़े वर्गों के कल्याण मंत्री की आवश्यकता है। राज्य में लगभग 42 पिछड़े समुदाय हैं और उनके व्यापक विकास के लिए ऐसा विभाग आवश्यक है। हमने यह अनुरोध उन तक पहुंचा दिया है।”

भाषा जितेंद्र अमित

अमित