‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ प्रस्ताव के कुछ प्रावधानों में बदलाव की जरूरत: जद-एस

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‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ प्रस्ताव के कुछ प्रावधानों में बदलाव की जरूरत: जद-एस

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  • Publish Date - May 17, 2026 / 03:13 PM IST,
    Updated On - May 17, 2026 / 03:13 PM IST

बेंगलुरु, 17 मई (भाषा) जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ प्रस्ताव से जुड़े 129वें संविधान संशोधन विधेयक के कुछ प्रावधानों में बदलाव करने का अनुरोध किया है।

जद-एस ने विशेष रूप से किसी भी राज्य में चुनाव स्थगित करने की सिफारिश करने संबंधी निर्वाचन आयोग की प्रस्तावित विशेष शक्तियों में बदलाव का आग्रह किया है।

संसदीय संयुक्त समिति ने शनिवार को बेंगलुरु में राजनीतिक दलों के साथ ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा की और उनके सुझाव व विचार मांगे।

जद-एस ने कहा कि राष्ट्रपति को राज्य चुनावों को स्थगित करने की सिफारिश करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग को सशक्त बनाने वाले प्रावधानों में उपयुक्त संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं, साथ ही गठबंधन सरकारों की स्थिरता और एक साथ होने वाले चुनाव के दौरान क्षेत्रीय दलों के संरक्षण के लिए कानूनी सुरक्षा उपायों की भी मांग की गई है।

पार्टी ने एक बयान में कहा, “विधेयक के संबंध में जद-एस ने कुछ शर्तों और संशोधनों के साथ संवैधानिक संशोधन का समर्थन किया है, साथ ही यह सुझाव दिया है कि एक साथ होने वाले चुनाव के दौरान राष्ट्रीय दलों के आक्रामक चुनाव प्रचार से क्षेत्रीय दलों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, इसके लिए सुरक्षा उपाय किए जाएं।”

इसने कहा कि हाल के वर्षों में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन सरकारें बनती रही हैं व काम कर रही हैं तथा “उनकी स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए कानूनी सुरक्षा की आवश्यकता है।”

जद-एस ने कहा, “इसलिए, पार्टी ने प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन में गठबंधन सरकारों की स्थिरता के लिए कानूनी सुरक्षा उपायों को शामिल करने का भी सुझाव दिया है।”

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल