एसकेएम ने श्रमिक संगठनों की हड़ताल को स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी हड़तालों में से एक बताया

एसकेएम ने श्रमिक संगठनों की हड़ताल को स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी हड़तालों में से एक बताया

एसकेएम ने श्रमिक संगठनों की हड़ताल को स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी हड़तालों में से एक बताया
Modified Date: February 13, 2026 / 01:06 am IST
Published Date: February 13, 2026 1:06 am IST

नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) संयुक्त किसान मोर्चे (एसकेएम) ने चार श्रम संहिताओं और अन्य नीतियों के खिलाफ बृहस्पतिवार को देशव्यापी आम हड़ताल को स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी हड़तालों में से एक बताया और दावा किया कि इसने पूरे देश में मजदूर-किसान एकता को मजबूत किया है।

एसकेएम ने एक बयान में कहा कि यह हड़ताल ‘‘स्वतंत्र भारत के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी आम हड़तालों में से एक’’ है और इसने ‘‘कॉर्पोरेट नीतियों के खिलाफ जनप्रतिरोध की रीढ़ के रूप में मजदूर-किसान एकता’’ को मजबूत किया है।

श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच को बधाई देते हुए एसकेएम ने कहा, ‘‘आज की हड़ताल ने जनता के सभी वर्गों में आत्मविश्वास जगाने में मदद की है और उन्हें सभी अन्याय और शोषणकारी, कॉर्पोरेट-प्रेरित नीतियों के खिलाफ खड़े होने और लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया है।’’

बारह फरवरी की हड़ताल का आह्वान केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा किया गया था और इसे किसान संगठनों और कर्मचारी संघों का समर्थन प्राप्त था। इसका उद्देश्य चार श्रम संहिताओं और अन्य आर्थिक नियमों के कार्यान्वयन का विरोध करना था।

भाषा नेत्रपाल आशीष

आशीष


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