तंबाकू वाली सिगरेट की तुलना में हर्बल सिगरेट से निकलने वाला धुआं अधिक घातक हो सकता है:शोध

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तंबाकू वाली सिगरेट की तुलना में हर्बल सिगरेट से निकलने वाला धुआं अधिक घातक हो सकता है:शोध

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  • Publish Date - June 1, 2026 / 07:02 PM IST,
    Updated On - June 1, 2026 / 07:02 PM IST

नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) भारत और विदेश में व्यापक रूप से “प्राकृतिक, तंबाकू-रहित और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी वैकल्पिक उत्पाद” के रूप में बेची जाने वाली हर्बल सिगरेट सामान्य तंबाकू वाली सिगरेट की तुलना में अधिक नुकसान पहुंचा सकती है। यह दावा एक शोध रिपोर्ट में किया गया है।

इसमें कहा गया है कि हर्बल सिगरेट से निकलने वाला धुआं तंबाकू वाली सिगरेट से निकले धुएं जितना या उससे भी अधिक हानिकारक हो सकता है।

यह शोध ‘जर्नल ऑफ हजार्डस मटीरियल्स’ में प्रकाशित हुआ है और इसमें शोधकर्ताओं ने भारतीय बाजारों में उपलब्ध हर्बल और तंबाकू वाले सिगरेट के धुएं के भौतिक, रासायनिक व ऑक्सीडेटिव गुणों की विस्तृत तुलना की है।

शोध के लेखक समीर पटेल ने कहा, “हमारे शोध निष्कर्ष इस व्यापक धारणा को चुनौती देते हैं कि तंबाकू रहित होने का अर्थ जोखिम से मुक्त होना होता है।”

शोधकर्ताओं ने भारत के दो सबसे अधिक बिकने वाले तंबाकू ब्रांड और तुलसी, लौंग, दालचीनी, पुदीना, ग्रीन टी, वॉटर लिली और कैमोमाइल जैसे मिश्रण वाली चार लोकप्रिय हर्बल सिगरेटों से निकलने वाले धुएं की तुलना की।

पटेल ने कहा, “हर्बल सिगरेटों से निकलने वाला धुआं लगभग हर मापदंड पर तंबाकू सिगरेटों के बराबर या उनसे अधिक पाया गया। पत्तों में लिपटी हर्बल किस्में सबसे अधिक हानिकारक पाई गईं।”

टीम ने पाया कि इनमें से दो हर्बल ब्रांड में तेंदू पत्तों का उपयोग किया गया है, जो भारत में सबसे अधिक सेवन किए जाने वाले बीड़ी उत्पादों में भी इस्तेमाल होते हैं।

शोधकर्ताओं ने लिखा, “हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि हर्बल सिगरेट से उत्सर्जित धुआं तंबाकू वाली सिगरेटों से निकलने वाले धुएं के बराबर या उससे भी अधिक घातक होता है, जो यह दर्शाता है कि ये उनकी तरह ही हानिकारक हो सकती हैं।”

उन्होंने बताया कि 500 नैनोमीटर से छोटे कणों की मात्रा हर्बल सिगरेटों में तंबाकू सिगरेटों की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक पाई गई। ये सूक्ष्म कण हृदय और श्वसन रोगों से जुड़े होते हैं।

भाषा जोहेब संतोष

संतोष