भुवनेश्वर, 13 मई (भाषा) सीमा पर पहुंचे एसएसबी जवान की पत्नी की बच्ची को जन्म देने के बाद प्रसव संबंधी जटिलताओं के कारण उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
पंद्रह दिन की बच्ची अब ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में अपने परिवार के पास है, क्योंकि उसके पिता को अरुणाचल प्रदेश में भारत-भूटान सीमा से वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है।
ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘मैं जवान की पत्नी के दुखद निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। हम जवान को वापस लाने के लिए सभी इंतजाम कर रहे हैं ताकि वह अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सके।’
मृतका की पहचान लिपी गंद (28) के रूप में हुई है और वह सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में कार्यरत जवान देबराज गंद की पत्नी थी। जवान झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर ब्लॉक के टेंगनमाल गांव का रहने वाला है।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि जवान देवराज प्रसव के समय अपनी पत्नी के साथ ही था, लेकिन बेटी के जन्म के एक दिन बाद ही एसएसबी से फोन आने के बाद उसे ड्यूटी पर जाना पड़ा।
चिकित्सकों ने बताया कि लिपी ने 28 अप्रैल को बच्ची को जन्म देने के बाद सोमवार रात को बुर्ला के वीआईएमएसएआर में अंतिम सांस ली।
उन्होंने बताया कि बच्ची को जन्म देने के तुरंत बाद उसकी हालत गंभीर हो गई और वह पिछले 15 दिनों से बेहोश थी। उन्होंने बताया कि कई अंगों के फेल हो जाने के कारण उसकी मौत हो गई।
मंत्री ने कहा कि लिपि को एयर एम्बुलेंस से भुवनेश्वर ले जाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन सोमवार रात उनकी मृत्यु हो गई।
मंत्री ने कहा, ‘जवान और उसके परिवार के प्रति हमारी पूरी सहानुभूति है।’
पुजारी ने कहा कि देबराज को सूचित कर दिया गया है और वह ओडिशा लौट रहे हैं।
मंत्री ने कहा, ‘वह अरुणाचल प्रदेश से गुवाहाटी आएंगे और कोलकाता के लिए उड़ान भरेंगे तथा वहां से झारसुगुड़ा आएंगे। हमें उम्मीद है कि वह आज शाम सात बजे तक झारसुगुड़ा पहुंच जाएंगे।’
भाषा
शुभम नरेश
नरेश