कुछ लोग जुबिन की मौत को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं: हिमंत
कुछ लोग जुबिन की मौत को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं: हिमंत
नगांव (असम), 22 अक्टूबर (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि कुछ लोग गायक जुबिन गर्ग की मौत को राजनीतिक रंग देने और उनका सच्चा ‘फॉलोअर’ होने का ढोंग रचकर राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
यहां एक आधिकारिक समारोह से इतर पत्रकारों के साथ बातचीत में शर्मा ने यह भी कहा कि भाजपा राज्य को ‘नकली फॉलोअर’ द्वारा किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचाने के लिए इस सांस्कृतिक प्रतीक के सभी ‘असली फॉलोअर’ को एकजुट करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘जुबिन गर्ग का निधन असमिया समाज के लिए सबसे दुखद खबर है। लेकिन लोगों के एक वर्ग ने इसे राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश की है। उनमें से कई लोगों ने या तो जुबिन के जीवित रहते उनका एक भी गाना नहीं सुना, या फिर जुबिन गर्ग के बारे में उनकी जानकारी बहुत सीमित है।’’
शर्मा ने दावा किया कि गर्ग की मृत्यु के बाद, ये लोग उनकी विचारधारा को एक अलग दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि जुबिन गर्ग के निधन के बाद कोई राजनीति नहीं होगी, जैसे भूपेन हजारिका, ज्योति प्रसाद अग्रवाल और बिष्णु प्रसाद राव के बाद किसी ने राजनीति नहीं की थी। सभी राजनीतिक दल जुबिन गर्ग से प्यार करते थे और उनके नाम पर राजनीति करने की कोई गुंजाइश नहीं है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने गायक-संगीतकार की उनके जीवनकाल में कड़ी आलोचना की थी, वे ‘सच्चे जुबिन प्रशंसक’ बनकर असम में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘असम को किसी भी अशांति से बचाने के उद्देश्य से भाजपा आज से असली जुबिन प्रशंसकों के साथ सड़कों पर उतरी है। हमारा उद्देश्य नकली प्रशंसकों के खिलाफ असली जुबिन प्रशंसकों को एकजुट करना है।’’
सत्तारूढ़ भाजपा ने न्यायपालिका के माध्यम से जुबिन गर्ग के लिए न्याय की मांग करते हुए ‘न्याय यात्रा’ शुरू की है। इस कदम की सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना हुई है क्योंकि राज्य में भाजपा का ही शासन है।
इस प्रसिद्ध गायक की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सभी जेल में हैं।
भाषा वैभव नेत्रपाल नरेश
नरेश

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