कभी-कभी दर्शक विशेषज्ञों से पहले किसी कहानी की प्रामाणिकता की पहचान कर लेते हैं: महेश भट्ट

कभी-कभी दर्शक विशेषज्ञों से पहले किसी कहानी की प्रामाणिकता की पहचान कर लेते हैं: महेश भट्ट

कभी-कभी दर्शक विशेषज्ञों से पहले किसी कहानी की प्रामाणिकता की पहचान कर लेते हैं: महेश भट्ट
Modified Date: June 30, 2026 / 06:13 pm IST
Published Date: June 30, 2026 6:13 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) फिल्मकार महेश भट्ट ने विभाजन पर आधारित इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ के साथ इसके बॉक्स ऑफिस पर अप्रत्याशित प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब सिनेमा लगातार भव्यता और पौरूषता पर केंद्रित होता जा रहा है, यह फिल्म मन की गहरी भावनाओं को सुनने की कोशिश करती है।

इस फिल्म को शुरुआत में बेहद सुस्त प्रतिक्रिया मिली थी लेकिन बाद में दर्शकों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया फैलने से इसके बॉक्स ऑफिस पर कमाई में लगातार बढ़ोतरी देखी गई। ‘मैं वापस आऊंगा’ में नसीरुद्दीन शाह ने 95 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति की भूमिका निभाई है जो अपने अधूरे प्यार को याद करने के लिए अपनी धुंधली यादों को टटोलता है।

फिल्म में वेदांग रैना, शर्वरी और दिलजीत दोसांझ भी नजर आए। 12 जून को रिलीज होने के बाद से इस फिल्म ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर 70.8 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है।

निर्माताओं के साथ साझा किए गए एक संदेश में भट्ट ने इस फिल्म और उन दर्शकों की जमकर तारीफ की, जिन्होंने इसकी कहानी को सराहा।

उन्होंने कहा कि यह फिल्म सबसे बुरे समय में भी प्यार और करुणा का समर्थन करती है।

भट्ट ने कहा, ‘हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां सिनेमा तेजी से गति, भव्यता और पौरुषता से संचालित हो रहा है। बाजार भी निश्चितता, शोर-शराबे और तुरंत संतुष्टि देने वाली चीजों को पुरस्कृत करता है। ऐसे माहौल में, कोई फिल्म अगर मानवीय आत्मा की गहरी भावनाओं को सुनती है, तो वह लगभग एक विद्रोह की तरह है।’

निर्देशक ने कहा, ‘बाजार को अपना फ़ैसला सुनाने का हक है। वह आंकड़ों की भाषा बोलता है और आंकड़े मायने रखते हैं। लेकिन दर्शकों की अपनी एक अनोखी समझ होती है। कभी-कभी वे विशेषज्ञों से पहले ही कहानी की प्रमाणिकता की पहचान कर लेते हैं।’

भाषा प्रचेता माधव

माधव


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