सोनम वांगचुक मिले जोरमथांगा से, मिजो शांति समझौते का अध्ययन करने की इच्छा जताई

सोनम वांगचुक मिले जोरमथांगा से, मिजो शांति समझौते का अध्ययन करने की इच्छा जताई

सोनम वांगचुक मिले जोरमथांगा से, मिजो शांति समझौते का अध्ययन करने की इच्छा जताई
Modified Date: September 30, 2026 / 02:03 pm IST
Published Date: September 30, 2026 2:03 pm IST

आइजोल, 30 सितंबर (भाषा) सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने मिजोरम के पूर्व मुख्यमंत्री जोरमथांगा से नयी दिल्ली में मुलाकात की और राज्य में हुए सफल शांति समझौते का अध्ययन करने की इच्छा जताई। मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) की ओर से बुधवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।

वांगचुक ने सोमवार को मिजोरम हाउस में एमएनएफ अध्यक्ष जोरमथांगा के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत की।

दोनों ने राजनीति और समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ सुलह एवं मेल-मिलाप की प्रक्रिया पर भी चर्चा की।

बयान में वांगचुक के हवाले से कहा गया, ‘‘ मैं मिजोरम के सफल समझौता ज्ञापन का अध्ययन करना चाहता हूं और जोरमथांगा के अनुभवों को बेहतर ढंग से समझना चाहता हूं, जिन्होंने मिजो शांति समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।’’

जोरमथांगा ने वांगचुक को बताया कि मिजो शांति समझौते को टिकाऊ और सफल शांति समझौतों में से एक माना जाता है। संघर्ष समाधान का अध्ययन करने वाले कई व्यक्ति और संगठन इसमें रुचि रखते हैं।

उन्होंने शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में केंद्र सरकार की भूमिका और विभिन्न पक्षों को समझौते का हिस्सा बनाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी जानकारी दी।

बयान में यह भी कहा गया कि जोरमथांगा ने उग्रवाद के दौर में एमएनएफ का नेतृत्व किया था और बाद में वह पार्टी के अध्यक्ष तथा राज्य के मुख्यमंत्री भी रहे।

वांगचुक ने जोरमथांगा को लद्दाख आने का निमंत्रण भी दिया।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा


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