Sourav Das’s statement: NEET प्रदर्शन मामले में छात्रों पर दर्ज FIR रद्द, मुआवजे का निर्देश, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद CJP ने कर दिया ये बड़ा ऐलान

Ads

Sourav Das's statement: NEET प्रदर्शन मामले में छात्रों पर दर्ज FIR रद्द, मुआवजे का निर्देश, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद CJP ने कर दिया ये बड़ा ऐलान

  •  
  • Publish Date - September 2, 2026 / 07:58 AM IST,
    Updated On - September 2, 2026 / 07:59 AM IST

Sourav Das's statement: NEET प्रदर्शन मामले में छात्रों पर दर्ज FIR रद्द, मुआवजे का निर्देश, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद CJP ने कर दिया ये बड़ा ऐलान /image: Social Media

HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द कर दी
  • कॉजपा ने फैसले को बड़ी जीत बताते हुए 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च वापस लेने का ऐलान किया
  • केंद्र को आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए तीन महीने के भीतर मुआवजा देने का निर्देश दिया गया

नई दिल्ली। Sourav Das’s statement on the CJP March: कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने नीट प्रदर्शनकारियों (CJP NEET Protest) के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले को मंगलवार को ‘‘बड़ी जीत’’ बताया। कोर्ट के इस फैसले के बाद 13 छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR (Student Protest FIR) पर पुलिस कार्रवाई रो दी जाएगी। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने 5 सितंबर का मार्च रद्द (CJP March Cancelled) करने का ऐलान किया है। कॉजपा ने कहा कि केंद्र की ओर से तीन महीने के भीतर देशव्यापी मुआवजा नीति बनाने की प्रतिबद्धता अब प्रभावित परिवारों तक राहत के रूप में पहुंचनी चाहिए।

NEET Students News कॉजपा ने एक बयान में कहा कि अदालत के आदेश से नीट-यूजी (NEET Paper Leak Case) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शनों में शामिल उन प्रदर्शनकारियों को राहत मिली है, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। उसने कहा कि इसमें अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज मामले भी शामिल हैं। कॉजपा ने कहा कि बाद में यदि केंद्र और राज्यों की ओर से सौंपी गई सूची में कोई अन्य प्राथमिकी छूटी हुई पाई जाती है तो वे भी इस आदेश के दायरे में आएंगी।

दीपके ने क्या कहा? (Abhijeet Deepke)

कॉजपा संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने कहा, ‘‘आज का फैसला हर उस छात्र की जीत है, जिसे यह बताया गया था कि अपनी आवाज उठाना अपराध है। हमने प्रदर्शन इसलिए किया क्योंकि सरकार सुनने को तैयार नहीं थी। छात्रों को जवाब देने के बजाय सरकार ने प्राथमिकी और पुलिस कार्रवाई का सहारा लिया।’’ उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अब उन लोगों को राहत दी है, जिन्हें ‘‘लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए आपराधिक मामलों में फंसा दिया गया था।’’

दीपके ने कहा कि इस फैसले से यह संदेश जाना चाहिए कि डर दिखाकर असहमति की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों को कक्षाओं में होना चाहिए, थानों में नहीं। उन्हें अपनी सरकार से जवाबदेही की मांग करने के लिए सड़कों पर नहीं उतरना चाहिए। यह फैसला सत्ता में बैठे लोगों के लिए एक सबक होना चाहिए कि डर के जरिए असहमति को दबाया नहीं जा सकता।’’

कॉजपा ने नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले से जुड़े कारणों से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता पर उच्चतम न्यायालय द्वारा संज्ञान लिए जाने का भी स्वागत किया।

सौरव दास बोले- सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक पल (CJP March Cancelled)

कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास (CJP Spokesperson Saurav Das) ने कहा कि यह प्रतिबद्धता उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जो पहचान, जवाबदेही और आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं। दास ने कहा, ‘‘किसी बच्चे को खोने की भरपाई कोई मुआवजा नहीं कर सकता। इन परिवारों ने जो कुछ झेला है, उसे कोई वापस नहीं बदल सकता। लेकिन सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकती।’’

Sourav Das’s statement on the CJP March उन्होंने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय के समक्ष की गई प्रतिबद्धता अब ऐसी निष्पक्ष और पारदर्शी नीति में बदलनी चाहिए, जो हर पात्र परिवार तक पहुंचे।’’ दास ने कहा कि परिवार काफी समय से इंतजार कर रहे हैं और उन्हें पहचान तथा राहत के लिए आगे भी संघर्ष नहीं करना चाहिए। कॉजपा ने कहा कि वह उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के कार्यान्वयन और मुआवजे को लेकर सरकार की तीन महीने की प्रतिबद्धता पर नजर रखेगा। उसने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय में हुई घटनाओं के बाद पांच सितंबर को प्रस्तावित उसका मार्च वापस लिया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात (Supreme Court FIR Quashed)

Supreme Court Latest Verdict उच्चतम न्यायालय ने देशभर में 20 से 25 जुलाई के बीच कॉजपा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी रद्द कर दी और कहा कि इन मामलों का उनके भविष्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

 तीन महीने के भीतर मुआवजा देने का निर्देश

Sourav Das’s statement on the CJP March प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को तीन महीने के भीतर मुआवजा देने का भी केंद्र को निर्देश दिया। हालांकि, केंद्र के आग्रह को स्वीकार करते हुए अदालत ने दिल्ली पुलिस को जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल 2,873 ऐसे लोगों के खिलाफ नयी प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति दी, जिनका गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है।

ये भी पढ़ें

 

सुप्रीम कोर्ट ने NEET प्रदर्शनकारियों को क्या राहत दी?

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में कॉजपा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने का फैसला सुनाया।

कॉजपा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या कहा?

कॉजपा ने फैसले को छात्रों और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने के अधिकार की बड़ी जीत बताया।

5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च का क्या हुआ?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कॉजपा ने 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च वापस लेने का ऐलान किया।

छात्रों के परिवारों को मुआवजे को लेकर क्या निर्देश दिए गए?

खबर के अनुसार, केंद्र को NEET प्रश्नपत्र लीक मामले से जुड़े कारणों से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए तीन महीने के भीतर मुआवजे की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।

इस फैसले का छात्रों के भविष्य पर क्या असर पड़ेगा?

अदालत ने कहा कि रद्द की गई FIR और इन मामलों का संबंधित छात्रों के भविष्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।