(तस्वीर के साथ)
कोयंबटूर (तमिलनाडु), 15 फरवरी (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को यहां कहा कि चंद्रयान और आदित्य-एल1 जैसे भारत के अंतरिक्ष मिशन केवल तकनीकी उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि यह इस बात की आधुनिक अभिव्यक्ति हैं कि प्राचीन वैज्ञानिक चेतना हमेशा से हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही है।
सद्गुरु के नेतृत्व वाले ईशा योग केंद्र में आयोजित महाशिवरात्रि समारोह के उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने कहा कि सूर्य और चंद्रमा केवल खगोलीय पिंड नहीं हैं, बल्कि हमारे कैलेंडर और त्योहारों का आधार भी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे व्रत, त्योहार और शुभ मुहूर्त सटीक वैज्ञानिक गणनाओं के आधार पर तय किए जाते हैं। आज चंद्रयान और अन्य अंतरिक्ष कार्यक्रम हमारी प्राचीन वैज्ञानिक विरासत की आधुनिक अभिव्यक्ति हैं, जहां परंपरा और तकनीक साथ-साथ आगे बढ़ती हैं।’’
सिंह ने कहा, ‘‘जब भारत चंद्रयान (चंद्र मिशन), मंगलयान (मंगल मिशन) और आदित्य-एल1 (सूर्य मिशन) जैसे अभियानों को प्रक्षेपित करता है, तो यह केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं होती, बल्कि उस प्राचीन चेतना की आधुनिक अभिव्यक्ति भी होती है जो हमेशा हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही है।”
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हम अंतरिक्ष में उपग्रह भेज रहे हैं, वैसे-वैसे हम अपनी वैज्ञानिक संस्कृति को भी आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक ओर हमारे सैनिक संकट के समय शिव की भावना से मानवीय सहायता प्रदान करते हैं, वहीं दूसरी ओर आवश्यकता पड़ने पर ‘रुद्र’ की तीव्रता के साथ ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों को अंजाम देते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सैनिकों के भीतर की शक्ति हमारी संस्कृति से, भगवान शिव की प्रेरणा से आती है।’’
इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उपस्थित रहे।
भाषा गोला रंजन
रंजन