मुख्यमंत्री अपनी पत्नी को सौंपेगें राज्य की कमान? विधायक के इस्तीफे और ED के समन के बाद राज्य में बढ़ी राजनीतिक हलचल

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हालिया समन और सोमवार को झामुमो के एक विधायक सरफराज अहमद के अचानक इस्तीफे के बाद ये अटकलें तेज हो गई हैं।

मुख्यमंत्री अपनी पत्नी को सौंपेगें राज्य की कमान? विधायक के इस्तीफे और ED के समन के बाद राज्य में बढ़ी राजनीतिक हलचल
Modified Date: January 2, 2024 / 07:59 pm IST
Published Date: January 2, 2024 7:23 pm IST

Hemant Soren’s wife Kalpana: रांची, दो जनवरी। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना को मुख्यमंत्री बनाये जाने की अटकलों के बीच, राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत गठबंधन ने बुधवार को यहां अपने विधायकों की बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हालिया समन और सोमवार को झामुमो के एक विधायक सरफराज अहमद के अचानक इस्तीफे के बाद ये अटकलें तेज हो गई हैं।

इस बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पत्नी के विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना सिर्फ भाजपा की कल्पना है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा झूठा विमर्श पेश कर रही है कि वह राज्य की सत्ता अपनी पत्नी को सौंप देंगे। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि अहमद से इस्तीफा दिलवाया गया है ताकि सोरेन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई की स्थिति में मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन उनकी सीट गांडेय से चुनाव लड़ सकें।

3 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास पर गठबंधन सहयोगियों के विधायकों की बैठक

झारखंड मुक्ति मोर्चा महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने गठबंधन दलों के मंत्रियों और विधायकों को लिखे गए पत्र में कहा, ‘‘तीन जनवरी को शाम 4.30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर गठबंधन सहयोगियों के विधायकों की बैठक बुलाई गई है। कृपया बैठक में समय पर भागीदारी सुनिश्चित करें।’’

read more: महाराष्ट्र के नासिक में प्रशासन के आश्वासन के बाद ट्रक चालकों ने हड़ताल वापस ली

झामुमो सूत्रों ने कहा कि सोरेन को ईडी के समन की पृष्ठभूमि में वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा के साथ-साथ एक रणनीति तैयार करने के लिए बैठक बुलाई गई है।

बिना कोई कारण बताए अहमद के अचानक इस्तीफे से यह अटकलें लगायी जाने लगी हैं कि सोरेन इस्तीफा दे सकते हैं और अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनवा सकते हैं और वह (कल्पना) रिक्त हुई सीट से चुनाव लड़ सकती हैं।

ईडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री सोरेन को भेजा समन

ईडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री एवं झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष सोरेन को अपने नवीनतम समन में उनसे जांच अधिकारी को अपनी पसंद की तारीख, स्थान और समय के बारे में सूचित करने के लिए कहा है ताकि धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया जा सके।

ईडी के अनुसार, जांच झारखंड में ‘माफिया द्वारा भूमि के स्वामित्व में अवैध परिवर्तन के एक बड़े रैकेट’ से संबंधित है।

read more: बिहार सरकार जाति सर्वे का पूरा विवरण सार्वजनिक करे, ताकि निष्कर्षों को चुनौती दी जा सके: न्यायालय

सोरेन ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए ईडी के पहले के छह समन को नजरअंदाज कर दिया है। सातवां समन पिछले साल दिसंबर में जारी किया गया था।

उन्होंने समन को ‘अनुचित’ बताते हुए ईडी की कार्रवाई से संरक्षण का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय और झारखंड उच्च न्यायालय के समक्ष याचिकाएं दायर की थीं। दोनों अदालतों ने उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यहां ईडी के कार्यालय को एक पत्र भेजा है लेकिन इसकी सामग्री की जानकारी नहीं है।

जांच एजेंसी ने इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें आईएएस अधिकारी छवि रंजन भी शामिल हैं। वह पहले राज्य समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपायुक्त थे।

राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

इस बीच, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन से मिलेगा और उनसे अनुरोध करेगा कि अगर हेमंत सोरेन सरकार मुख्यमंत्री की पत्नी को उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त करने का प्रस्ताव रखती है तो वह कानूनी विशेषज्ञों और अटॉर्नी जनरल से सुझाव मांगें।

read more: Ducati Upcoming Bikes in 2024 : 2024 ने भारतीय बाजार में तहलका मचाएगी Ducati, लॉन्च करेगी 8 दमदार बाइक

मरांडी ने कहा कि जमीन और धन शोधन घोटाले में कथित तौर पर शामिल सोरेन द्वारा अपनी पत्नी कल्पना को मुख्यमंत्री बनाने का कोई भी प्रयास लोकतंत्र का मजाक होगा।

गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि झारखंड में एक साल से भी कम समय में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में गांडेय में उपचुनाव अभी नहीं कराया जा सकता। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में मुंबई उच्च न्यायालय के एक फैसले का हवाला दिया।

इस साल नवंबर-दिसंबर में चुनाव

झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा के लिए इस साल नवंबर-दिसंबर में चुनाव होना है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा द्वारा झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार को अस्थिर करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं और उन्हें विफल कर दिया जाएगा।

झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के 47 सदस्य हैं जिनमें झामुमो के 29, कांग्रेस के 17 और राजद के एक विधायक हैं। विपक्षी भाजपा के 26 और आजसू पार्टी के तीन सदस्य हैं। दो निर्दलीय विधायकों के अलावा राकांपा और भाकपा (माले) के एक-एक विधायक हैं।

 


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com