धाराशिव (महाराष्ट्र), 18 जून (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक कैलास पाटिल ने बृहस्पतिवार को कहा कि सांसद ओमप्रकाश राजेनिंबालकर के पाला बदलने की अटकलों को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है और उन्हें उम्मीद है कि यह चर्चा महज अफवाह साबित होगी।
शिवसेना (उबाठा) के लोकसभा के नौ में से छह सांसद बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली में हुई संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए जिससे पार्टी में विभाजन के संकेत स्पष्ट हो गए और इन सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में औपचारिक रूप से शामिल होने की संभावना प्रबल हो गई।
बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसद महाराष्ट्र के धाराशिव से सांसद ओमप्रकाश राजेनिंबालकर के अलावा नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल और भाऊसाहेब वाकचौरे हैं। इन सांसदों की अनुपस्थिति ने पार्टी के संसदीय दल में विभाजन की लगभग पुष्टि कर दी है।
शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने बुधवार को आरोप लगाया था कि सांसदों पर पाला बदलने के लिए कानूनी और मानसिक दबाव डाला जा रहा है।
राउत ने राजेनिंबालकर पर दबाव डाले जाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि सांसद के पिता की हत्या के 20 साल पुराने मामले में बुधवार को फैसला सुनाया जाना था लेकिन इसे अचानक शनिवार तक टाल दिया गया।
राउत ने कहा था, ‘‘उनसे कथित तौर पर कहा गया कि अगर वह अपने पिता की हत्या के मामले में अपने पक्ष में फैसला चाहते हैं तो उन्हें उनके गुट में शामिल हो जाना चाहिए।’’
स्थानीय विधायक कैलास पाटिल ने बृहस्पतिवार को कहा कि राजेनिंबालकर के पाला बदलने को लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ओमप्रकाश राजेनिंबालकर किसी दूसरी पार्टी में जा रहे हैं या नहीं। अभी यही स्थिति है। मेरी दिली इच्छा है कि यह महज अफवाह हो। मैं चाहता हूं कि धाराशिव में शिवसेना (उबाठा) एकजुट रहे।’’
विधायक ने कहा कि उन्होंने राजेनिंबालकर से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले मेरी उनसे बात हुई थी और उस दौरान (उनके पिता पवन राजेनिंबालकर की हत्या के) मामले पर बात हुई थी। मैंने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन अभी तक बात नहीं हो पाई है। मैं उनसे मिलकर बातचीत करूंगा।’’
पाटिल ने यह भी कहा कि वह पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के निर्देश पर राजेनिंबालकर से मिलने पुणे गए थे लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि इस कठिन परिस्थिति में हम उद्धव ठाकरे के साथ बने रहें।’’
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सिम्मी मनीषा
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