नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण में सहायक कोचों के 464 पद खाली हैं।
उन्होंने उच्च सदन को विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा जनवरी में 350 से अधिक सहायक कोचों को नियुक्त करने के लिए मेगा भर्ती अभियान शुरू करने के बावजूद, 464 पद खाली हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में करीब 100 अधिक है।
मंत्री ने बताया कि कुल मिलाकर, 554 पद भरे जाने की प्रतीक्षा में हैं, जिसमें मुख्य प्रशिक्षकों के लिए 90 पद भी शामिल हैं।
मांडविया ने कहा, ‘‘कोचों की योग्यता और दक्षता का मूल्यांकन निर्धारित भर्ती और नियुक्ति मानदंडों के अनुसार किया जाता है।’’ उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्ष में, कोचों को ‘उनकी पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाने’ के लिए प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों की खातिर 8.5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
एक अन्य सवाल के जवाब में मांडविया ने कहा कि स्कूल, विश्वविद्यालय, राज्य और क्षेत्रीय स्तर के कार्यक्रमों सहित जमीनी स्तर के कार्यक्रमों में नमूना संग्रह सत्रों की संख्या भी बढ़ गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘2025 में कुल 20 नमूना संग्रह सत्र आयोजित किए गए थे, और 2026 में जुलाई तक 55 नमूना संग्रह सत्र आयोजित किए गए हैं।’’
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में पात्र नमूना संग्रह कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 2025 में कुल 11 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए और 2026 में जुलाई 2026 तक चार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सरकार राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अधिनियम में नए संशोधनों में प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी और आपूर्ति में शामिल लोगों के लिए जेल की सजा और जुर्माने का प्रस्ताव कर डोपिंग के अपराधीकरण पर भी जोर दे रही है।
मंत्री से भारतीय फुटबॉल की स्थिति पर भी कुछ सवाल पूछे गए।
मांडविया ने कहा कि सरकार ने पिछले पांच वर्ष में 37.98 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। इस वर्ष अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को कुल 8 करोड़ रुपये के आवंटन में से 3.91 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं।
भाषा अविनाश मनीषा
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