महिला आरक्षण विधेयक को लेकर स्टालिन का केंद्र पर हमला, बोले-चुनाव के बीच प्रस्ताव संदेह पैदा करता है

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महिला आरक्षण विधेयक को लेकर स्टालिन का केंद्र पर हमला, बोले-चुनाव के बीच प्रस्ताव संदेह पैदा करता है

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  • Publish Date - April 9, 2026 / 05:24 PM IST,
    Updated On - April 9, 2026 / 05:24 PM IST

चेन्नई, नौ अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने विधायिकाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण को लेकर प्रस्तावित संशोधन के समय पर सवाल उठाते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि यह कदम चुनावी माहौल को प्रभावित करने की एक और राजनीतिक कोशिश प्रतीत होता है।

स्टालिन ने कहा कि राज्यों में चुनाव के बीच 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने के लिए संशोधन लाने का समय “गंभीर संदेह” पैदा करता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करती है, लेकिन इसे बिना सीटों की संख्या बढ़ाए और ‘‘बिना राज्यों को दंडित किए’’, मौजूदा ढांचे के भीतर लागू किया जाना चाहिए।

स्टालिन ने परिसीमन (डिलिमिटेशन) को लेकर पारदर्शिता की कमी का भी आरोप लगाया और पूछा कि यह जनसंख्या नियंत्रण से पूर्व के 1971 के आंकड़ों के आधार पर होगा या 2021 की जनगणना के अनुसार ? उन्होंने कहा कि अस्पष्टता और विरोधाभासी संकेत संदेह को और गहरा करते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगा और सहकारी संघवाद के सिद्धांत पर “सीधा हमला” है। उन्होंने कहा कि इससे संसद की भूमिका कमजोर होगी और दक्षिणी राज्यों की आवाज़ को हाशिये पर डाला जा सकता है।

स्टालिन ने दावा किया कि इस प्रक्रिया से उत्तरी राज्यों को अधिक लाभ होगा, जबकि जनसंख्या नियंत्रण में सफल दक्षिणी राज्यों को नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कर्नाटक, केरल और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों की चिंताओं का भी उल्लेख किया।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव