मणिपुर में सशस्त्र हमलों के दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए: कांग्रेस सांसद अकोइजाम

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मणिपुर में सशस्त्र हमलों के दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए: कांग्रेस सांसद अकोइजाम

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  • Publish Date - February 12, 2026 / 08:56 PM IST,
    Updated On - February 12, 2026 / 08:56 PM IST

इंफाल, 12 फरवरी (भाषा) मणिपुर से लोकसभा सदस्य अंगोमचा बिमोल अकोइजाम ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में सशस्त्र हमलों और अशांति फैलाने में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

बिमोल ने उखरुल जिले में हालिया हिंसक घटनाओं के मद्देनजर यह बात कही।

केशमथोंग में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद ने संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया और हथियारों के खुले प्रदर्शन को सामान्य मानने के प्रति लोगों को आगाह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें संवाद की जरूरत है और यह पहचानना होगा कि कौन बातचीत के खिलाफ है। सभी के राजनीतिक मुद्दे हो सकते हैं, लेकिन खुलेआम हथियार लेकर घूमने को सामान्य नहीं कहा जा सकता। इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।’’

उनकी यह टिप्पणी उखरुल जिले के हिंसा-प्रभावित लितान गांव में बृहस्पतिवार सुबह 24 घंटे की शांति के बाद फिर से गोलीबारी और आगजनी की घटनाओं के बाद आई।

अधिकारियों ने कहा, ‘‘क्षेत्र में गोलीबारी की आवाज सुनी गई। दोनों ओर से गोलियां चलाई गईं। कुछ असामाजिक तत्वों ने इलाके में कुछ मकानों को आग के हवाले कर दिया।’’

अकोइजाम ने फिर से भड़की हिंसा को ‘‘बेहद चिंताजनक’’ करार दिया।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक मांगों को सांप्रदायिक आधार पर आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।

सांसद ने कहा, ‘‘यदि ऐसी मांग सांप्रदायिक आधार पर जारी रहीं, तो इसका असर केवल मणिपुर ही नहीं, पूरे देश पर पड़ेगा।’’

उखरुल जिले की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने दोहराया कि ‘‘सशस्त्र हमलों और अशांति में शामिल लोगों से कानून के तहत सख्ती से निपटा जाना चाहिए।’’

अकोइजाम ने कहा कि यदि राज्य सरकार स्थिति को नियंत्रित करने में विफल रहती है, तो केंद्र को हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का प्रत्यक्ष नियंत्रण राज्य सरकार के संवैधानिक प्राधिकार को कमजोर करेगा।

भाषा राखी नेत्रपाल

नेत्रपाल