स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के लिए मजबूत विनियमन जरूरी : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा

Ads

स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के लिए मजबूत विनियमन जरूरी : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा

  •  
  • Publish Date - May 21, 2026 / 02:05 PM IST,
    Updated On - May 21, 2026 / 02:05 PM IST

नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अपार अवसर प्रदान करती है, लेकिन इसे सुदृढ़ विनियमन, नैतिक निगरानी और समानता के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

नड्डा ने जिनेवा में 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा में ‘स्वास्थ्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता : कानून, नैतिक निगरानी, अनुसंधान और समानता’ विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की।

मंत्री नड्डा ने कहा कि भारत ने एक दशक पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2015 में डिजिटल इंडिया पहल की शुरुआत कर एक मजबूत डिजिटल नींव रखी थी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य भारत को एक डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना है, जो देश को एआई सहित भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करेगी।

नड्डा ने कहा कि भारत की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 ने एक एकीकृत, अंतर-संचालनीय, समावेशी और बड़े पैमाने पर काम करने वाले डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र की परिकल्पना की थी।

उन्होंने बताया कि इसी नीति के परिणामस्वरूप 2021 में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और सहमति-आधारित डिजिटल स्वास्थ्य डेटा ढांचे की शुरुआत की गई।

मंत्री नड्डा ने जोर देकर कहा कि बेहतर स्वास्थ्य परिणाम हासिल करने के लिए केवल डिजिटलीकरण और डेटा ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि एआई के सुरक्षित और जिम्मेदारी पूर्ण उपयोग के लिए क्षेत्र-विशिष्ट शासन ढांचे का होना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने फरवरी 2026 में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान ‘भारत में स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के लिए रणनीति’ (एसएएचआई) की शुरुआत पर भी बात की।

केंद्रीय मंत्री ने इस पहल को ‘ग्लोबल साउथ’ से उभरने वाली पहली व्यापक रणनीति बताते हुए कहा कि यह नैतिक, पारदर्शी और जन-केंद्रित तरीके से भारत की स्वास्थ्य सेवा यात्रा का मार्गदर्शन करेगी।

इसके अलावा उन्होंने ‘बोध’ (बेंचमार्किंग ओपन डेटा प्लेटफॉर्म फॉर हेल्थ एआई) के निर्माण के बारे में भी बात की। ‘बोध’ वास्तविक डेटा के आधार पर एआई समाधानों की जांच करता है ताकि वे सुरक्षित और सभी के लिए समान रूप से काम कर सकें।

भाषा

प्रचेता वैभव

वैभव