कारों में कैंसर पैदा करने वाले रसायनों पर अध्ययन मई 2027 तक पूरा होने की उम्मीद: आईसीएमआर
कारों में कैंसर पैदा करने वाले रसायनों पर अध्ययन मई 2027 तक पूरा होने की उम्मीद: आईसीएमआर
नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को बताया है कि कारों में कैंसर पैदा करने वाले रसायनों का पता लगाने के लिए देशभर में जारी उसका अध्ययन मई 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
एनजीटी कारों में कैंसर पैदा करने वाले रसायनों की मौजूदगी से जुड़ी एक खबर पर स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है।
खबर के अनुसार, शोधकर्ताओं ने 2015 से 2022 के बीच के मॉडल वाली 101 इलेक्ट्रिक, पेट्रोल और हाइब्रिड कारों के अंदर की हवा का विश्लेषण किया था, जिसमें पता चला 99 प्रतिशत कारों में टीसीआईपीपी नामक आग से बचाव करने वाला रसायन था।
अमेरिका का राष्ट्रीय विष विज्ञान कार्यक्रम संभावित कैंसरकारी पदार्थ के रूप में इसकी जांच कर रहा है।
विश्लेषण में कहा गया था कि ज्यादातर कारों में दो अन्य आग से बचाव करने वाले रसायन टीडीसीआईपीपी और टीसीईपी भी पाए गए, जिन्हें कैंसरकारी माना जाता है।
इसके बाद अधिकरण ने आईसीएमआर को अपने प्रस्तावित अध्ययन की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
इस अध्ययन में जैविक नमूने एकत्र कर उनका विश्लेषण किया जाना है, ताकि आग से बचाव करने वाले रसायनों के संपर्क में आने से वाहन चालकों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले जोखिम का आकलन किया जा सके।
13 अगस्त के आदेश की प्रति मंगलवार को उपलब्ध हुई। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने आईसीएमआर की रिपोर्ट की समीक्षा की।
पीठ ने कहा, ‘‘आईसीएमआर के वैज्ञानिक डॉ. शिवपेरुमल ने वीडियो माध्यम से पेश होकर बताया है कि अध्ययन कार्य दो नवंबर, 2025 को शुरू हुआ था और 18 महीने में पूरा हो जाएगा।’’
पीठ ने कहा, ‘‘उन्होंने बताया है कि पूरा कार्य तीन चरण में किया जा रहा है, जिसमें दक्षिणी, पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रत्येक क्षेत्र में 60 नमूने एकत्र कर उनका विश्लेषण किया जाएगा।’’
पीठ ने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र में आईसीएमआर पहले ही 50 नमूने एकत्र कर चुकी है, जिनमें से 40 का विश्लेषण किया जा चुका है।
पीठ ने कहा, ‘‘उन्होंने यह भी बताया है कि पूरी प्रक्रिया दो मई, 2027 तक पूरी हो जाएगी।’’
प्रगति का संज्ञान लेते हुए एनजीटी ने आईसीएमआर को नयी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई चार नवंबर को होगी।
भाषा जोहेब वैभव
वैभव

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