कराड (महाराष्ट्र), दो फरवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सांसद सुनील तटकरे ने सोमवार को कहा कि पार्टी ने दिवंगत अजित पवार के नेतृत्व में सामूहिक रूप से भाजपा नीत राजग में शामिल होने का फैसला किया था और वह वहीं रहेगी, जबकि राकांपा के दोनों गुटों के विलय की बात करने वालों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे इससे सहमत हैं।
सातारा जिले के कराड में पत्रकारों से बातचीत में तटकरे ने कहा कि ‘‘कौन सी पार्टी का किस पार्टी के साथ विलय होना था’’ इस बारे में स्पष्टता होनी चाहिए।
तटकरे महाराष्ट्र की नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री और राकांपा नेता सुनेत्रा पवार के साथ थे, जब उन्होंने कराड में राज्य के पहले मुख्यमंत्री वाई बी चव्हाण के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
पुणे जिले के बारामती में विमान दुर्घटना में अपने पति और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु के तीन दिन बाद, सुनेत्रा पवार ने शनिवार को उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ लेने से पहले, मुंबई में आयोजित एक बैठक के दौरान वह राकांपा विधायक दल की नेता चुनी गईं।
प्रस्तावित विलय के प्रति अपने विरोध के बारे में पूछे गए एक प्रश्न पर तटकरे ने कहा कि इस मुद्दे पर उनके या पार्टी सांसद प्रफुल्ल पटेल की अलग राय होने का कोई सवाल ही नहीं है।
तटकरे ने कहा, ‘‘अजित दादा के नेतृत्व में हमने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने का सामूहिक निर्णय लिया था और राज्य की जनता ने विधानसभा चुनाव में अजित दादा के इस निर्णय को अपनी स्वीकृति दी। विलय की बात करने वालों को यह जवाब देना चाहिए कि क्या वे इससे सहमत हैं।’’
लोकसभा सदस्य ने यह भी दावा किया कि राकांपा विधायक दल नए नेता की नियुक्ति के संबंध में अपने स्वयं के निर्णय लेने के लिए पर्याप्त रूप से मजबूत है।
विपक्षी दल राकांपा (शप) के शरद पवार समेत अन्य नेताओं ने दावा किया है कि विलय की वार्ता काफी आगे बढ़ गई थी और अजित पवार ने राकांपा गुटों के बीच विलय की घोषणा के लिए 12 फरवरी की तारीख तय कर ली थी।
वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि अगर ऐसा होता तो अजित पवार ने उनके साथ विवरण साझा किया होता।
भाषा आशीष नेत्रपाल
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