चंडीगढ़, तीन जुलाई (भाषा) पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक शुक्रवार को पंजाब के मोरिंडा स्थित उनके आवास पर एकत्र हुए और इस दौरान कई पूर्व विधायकों ने उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर बनाए रखने का फैसला किया है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की विभिन्न समितियों की घोषणा के साथ बुधवार को वड़िंग को पद पर बनाए रखने का ऐलान किया गया था।
चन्नी के मोरिंडा स्थित आवास पर समर्थकों के जुटने से पहले वहां पहुंचे पार्टी के कुछ पूर्व विधायकों ने पत्रकारों से कहा कि यदि कांग्रेस को अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में पंजाब में सत्ता में लौटना है, तो पूर्व मुख्यमंत्री को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए।
बताया जा रहा है कि यह पद नहीं मिलने से चन्नी नाराज हैं। कहा जा रहा है कि नयी नियुक्तियों की घोषणा के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद देने के लिए औपचारिक फोन तक नहीं किया।
चन्नी के समर्थकों ने भी इस बात पर निराशा जतायी कि पूर्व मुख्यमंत्री को वह पद नहीं दिया गया, जिसके लिए वह लंबे समय से प्रयास कर रहे थे।
चन्नी के आवास पर पहुंचने वालों में पूर्व उपमुख्यमंत्री ओ.पी. सोनी, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु और गुरप्रीत सिंह कांगड़, पूर्व सांसद मोहम्मद सादिक, मौजूदा विधायक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, पूर्व विधायक नजर सिंह मनशाहिया, गुरकीरत सिंह कोटली, लखवीर सिंह लखा, दर्शन सिंह बराड़ और तरसेम सिंह शामिल थे।
बैठक से पहले चन्नी के कई समर्थकों ने उनके पक्ष में आवाज उठाते हुए मांग की कि पार्टी पंजाब कांग्रेस की कमान पूर्व मुख्यमंत्री को सौंपे।
पूर्व विधायक दर्शन सिंह बराड़ ने कहा, ‘‘यदि चन्नी को प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो कांग्रेस पंजाब में सरकार नहीं बना सकती। राजा वड़िंग के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता में नहीं आ सकती।’’
पूर्व मंत्री गुरप्रीत कांगड़ ने कहा, ‘‘हमें जनता के बीच जाकर वोट मांगने हैं और लोग चन्नी को ही प्रदेश अध्यक्ष के रूप में देखना चाहते हैं।’’
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच कांग्रेस ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया।
दलित समुदाय से आने वाले जालंधर के सांसद चन्नी पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे, उन्हें चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह चुनावी रणनीति और प्रचार अभियान की योजना बनाने के लिहाज से एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
पार्टी ने पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद पर भी कोई बदलाव नहीं किया। यह जिम्मेदारी फिलहाल प्रताप सिंह बाजवा के पास ही रहेगी।
गुरदासपुर के सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को पार्टी की कोर समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले गुटबाजी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कांग्रेस ने कई वरिष्ठ नेताओं को विभिन्न समितियों में जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
चन्नी और रंधावा दोनों को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था।
भाषा गोला पवनेश
पवनेश