SC Decision on Reservation: आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ऐसे उम्मीदवार नहीं कर सकते जनरल सीट पर दावा

Supreme Court decision on reservations: अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई उम्मीदवार चयन प्रक्रिया के दौरान आरक्षण का लाभ उठाता है, तो वह आगे चलकर सामान्य वर्ग की सीट पर दावा नहीं कर सकता, चाहे उसके अंक सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों से अधिक ही क्यों न हों।

SC Decision on Reservation: आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ऐसे उम्मीदवार नहीं कर सकते जनरल सीट पर दावा

SC Decision on Reservation

Modified Date: January 7, 2026 / 06:22 pm IST
Published Date: January 7, 2026 6:04 pm IST
HIGHLIGHTS
  • आरक्षण नीति को लेकर अहम फैसला
  • कर्नाटक हाई कोर्ट का फैसला रद्द
  • आरक्षण का लाभ मिलने के बाद जनरल सीट पर दावा नहीं

नई दिल्ली: Supreme Court decision on reservations, सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण नीति को लेकर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई उम्मीदवार चयन प्रक्रिया के दौरान आरक्षण का लाभ उठाता है, तो वह आगे चलकर सामान्य वर्ग की सीट पर दावा नहीं कर सकता, चाहे उसके अंक सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों से अधिक ही क्यों न हों।

जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

SC Decision on Reservation, अपने फैसले में जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट का फैसला रद्द कर दिया। (Supreme Court decision on reservations) हाई कोर्ट ने पहले अनुसूचित जाति के एक उम्मीदवार को बेहतर रैंक के आधार पर अनारक्षित श्रेणी में नियुक्ति की अनुमति दी थी।

मुकदमे में अनुसूचित जाति की उम्मीदवार जी. किरण का रैंक अंतिम मेरिट सूची में 19 था, जबकि एंटनी का 37 था। कर्नाटक में कैडर आवंटन के दौरान केवल एक जनरल इनसाइडर वैकेंसी थी, जबकि एससी इनसाइडर वैकेंसी उपलब्ध नहीं थी। बेहतर रैंक होने के कारण किरण ने जनरल सीट पर दावा किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि यदि किसी उम्मीदवार ने प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) में आरक्षण नीति के तहत छूट का लाभ लिया है, तो उसे आगे भी उसी श्रेणी में रहना होगा।

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अनारक्षित कैडर में नियुक्ति की मांग अस्वीकार

supreme court decision on reservation latest, पीठ ने कहा कि एक बार आरक्षण का लाभ लेने के बाद उम्मीदवार सामान्य श्रेणी की रिक्तियों पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकता। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय वन सेवा (IFS) के अनारक्षित कैडर में नियुक्ति की मांग को भी अस्वीकार कर दिया और कर्नाटक हाई कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com