उच्चतम न्यायालय ने ‘द केरल स्टोरी’ से संबंधित याचिकाओं का निपटारा किया

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उच्चतम न्यायालय ने ‘द केरल स्टोरी’ से संबंधित याचिकाओं का निपटारा किया

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  • Publish Date - August 21, 2026 / 07:20 PM IST,
    Updated On - August 21, 2026 / 07:20 PM IST

नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने 2023 की विवादित फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ से संबंधित याचिकाओं पर जारी कार्यवाही शुक्रवार को बंद कर दी। अदालत ने हालांकि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा फिल्मों को प्रमाणित किए जाने को चुनौती देने से जुड़े कानूनी सवाल को खुला रखा।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को कई मामलों का निपटारा कर दिया। इनमें कुछ मामले कोविड-19 महामारी के दौरान दायर किए गए थे, जबकि कुछ निष्प्रभावी हो गए थे।

पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे।

‘द केरल स्टोरी’ को सीबीएफसी द्वारा दिए गए प्रमाणपत्र को रद्द करने के अनुरोध संबंधी दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि ये याचिकाएं अब निष्प्रभावी हो गई हैं।

फिल्म के निर्माताओं ‘सनशाइन पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड’ और विपुल अमृतलाल शाह द्वारा दायर तीसरी याचिका वापस ले ली गई। इस याचिका में तत्कालीन पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा फिल्म पर लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती दी गई थी।

उच्चतम न्यायालय ने मई 2023 में राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध पर रोक लगा दी थी। अधिवक्ता निजाम पाशा अन्य दो मामलों में याचिकाकर्ताओं कुर्बान अली और बी. आर. अरविंदाक्षन की ओर से पेश हुए थे।

पाशा ने दलील दी कि फिल्म के पहले ही रिलीज हो जाने के बावजूद उनके मुवक्किलों द्वारा उठाए गए मुद्दे अभी भी प्रासंगिक हैं और उन पर विचार किया जाना बाकी है।

पाशा ने बताया कि केरल उच्च न्यायालय ने फिल्म से संबंधित एक रिट याचिका का निपटारा करते हुए कहा था कि सीबीएफसी द्वारा किसी फिल्म को प्रमाणपत्र दिए जाने के खिलाफ दायर याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि सीबीएफसी द्वारा दिए गए प्रमाणपत्र के खिलाफ वैधानिक उपाय फिल्म निर्माता के लिए उपलब्ध था, लेकिन फिल्म की विषय-वस्तु से आहत या प्रभावित अन्य लोगों के लिए ऐसा कोई वैधानिक उपाय नहीं था। इसलिए उन्हें रिट याचिका के माध्यम से अदालत का रुख करना पड़ता था। हालांकि, पीठ ने कहा कि फिल्म पहले ही रिलीज हो चुकी है।

न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि इस कानूनी सवाल को भविष्य में विचार के लिए खुला छोड़ा जा सकता है।

पाशा ने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं ने विशेष रूप से फिल्म के प्रमाणपत्र को रद्द करने का अनुरोध किया था। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म अभी भी ओटीटी मंच पर उपलब्ध है।

उन्होंने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं ने शुरुआत में उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। उन्होंने कहा कि बाद में हालांकि उच्च न्यायालय ने यह कहते हुए याचिका का निपटारा कर दिया कि इस मामले पर उच्चतम न्यायालय पहले से ही विचार कर रहा है।

पाशा ने अदालत से आग्रह किया कि कथित रूप से घृणास्पद भाषण को बढ़ावा देने वाली फिल्मों के लिए दिशानिर्देश तय किए जाएं।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ठीक है, सामान्य दिशानिर्देशों का अनुरोध करते हुए एक व्यापक रिट याचिका दायर करें।’’

सुदीप्तो सेन द्वारा निर्देशित और विपुल अमृतलाल शाह द्वारा निर्मित फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के 2023 में रिलीज होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था।

फिल्म केरल में हिंदू महिलाओं को इस्लाम में धर्मांतरित कर उन्हें आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) में शामिल किए जाने के आरोपों पर आधारित थी।

भाषा

देवेंद्र नरेश

नरेश