अदालत ने ‘रेड बुल’ पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द के इस्तेमाल पर लगी रोक हटायी

अदालत ने ‘रेड बुल’ पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द के इस्तेमाल पर लगी रोक हटायी

अदालत ने ‘रेड बुल’ पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द के इस्तेमाल पर लगी रोक हटायी
Modified Date: September 29, 2026 / 03:41 pm IST
Published Date: September 29, 2026 3:41 pm IST

नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें ‘रेड बुल’ कंपनी को अपने उत्पाद पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया गया था।

न्यायमूर्ति अमित महाजन ने अपने आदेश में कहा कि एफएसएसएआई ने कंपनी को जवाब दाखिल करने या कोई स्पष्टीकरण देने का मौका दिए बिना ही यह निर्देश दे दिया।

उच्च न्यायालय ने कहा, “याचिका मंजूर की जाती है। एफएसएसएआई का विवादित आदेश रद्द किया जाता है। प्रतिवादी को याचिकाकर्ता की बात सुनने के बाद नया आदेश जारी करने की छूट है।”

न्यायमूर्ति महाजन ने यह भी कहा कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है।

उच्च न्यायालय ने कहा कि यह बात निर्विवाद है कि प्राधिकरण के 30 जून के आदेश में याचिकाकर्ता ‘रेड बुल’ को अपने उत्पाद के लिए ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द का इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन यह आदेश कंपनी को अपना जवाब दाखिल करने का कोई मौका दिए बिना ही जारी कर दिया गया था।

उसने कहा कि कि एफएसएसएआई ‘रेड बुल’ को कारण बताओ नोटिस जारी करने और उसे अपनी बात रखने का मौका देने जैसी ज़रूरी प्रक्रिया का पालन करने के बाद, इस मामले में नया फ़ैसला करने के लिए स्वतंत्र है।

एफएसएसएआई ने उच्च न्यायालय को बताया कि अलग से कोई कारण बताओ नोटिस नहीं दिया गया था, बल्कि 30 जून का पत्र ही एक नोटिस था और चिंता सिर्फ ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर थी, न कि खुद उत्पाद को लेकर।

उच्च न्यायालय ने ‘रेड बुल’ की याचिका पर यह आदेश दिया। ‘रेड बुल’ ने प्राधिकरण के 30 जून के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कंपनी को अपने शीतल पेय पदार्थ पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया गया था।

याचिकाकर्ता कंपनी ने कहा कि वह भारत में अपने शीतल पेय पदार्थों के लिए ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द का इस्तेमाल 2002 से कर रही है और प्राधिकरण ने खुद पहले कैफीन वाले पेय पदार्थ की संबंधित श्रेणी के लिए इसके इस्तेमाल को मान्यता दी थी।

भाषा राजकुमार अविनाश

अविनाश


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