न्यायालय का एएफटी चंडीगढ़ क्षेत्रीय पीठ से न्यायमूर्ति चौधरी के तबादला आदेश में हस्तक्षेप से इनकार

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न्यायालय का एएफटी चंडीगढ़ क्षेत्रीय पीठ से न्यायमूर्ति चौधरी के तबादला आदेश में हस्तक्षेप से इनकार

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  • Publish Date - October 13, 2023 / 07:55 PM IST,
    Updated On - October 13, 2023 / 07:55 PM IST

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को न्यायमूर्ति डी सी चौधरी को चंडीगढ़ की क्षेत्रीय पीठ से कोलकाता स्थानांतरित करने के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और कहा कि सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) के अध्यक्ष के ‘प्रशासनिक विवेकाधिकार’ पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है जिनकी न्यायाधीश के रूप में ‘उत्कृष्ट छवि’ है।

हालांकि, मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला तथा न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने रक्षा मंत्रालय की जगह केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय को न्यायाधिकरण के लिए मूल मंत्रालय बनाने के एएफटी बार एसोसिएशन ऑफ चंडीगढ़ के एक अन्य आवेदन पर केंद्र से जवाब मांगा।

अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ में एएफटी की क्षेत्रीय शाखा में ‘दिव्यांगता पेंशन पर गिरोह’ संचालित होने का आरोप लगाया और कहा कि यदि वह इससे ज्यादा बोलेंगे तो पूरा पिटारा खुल जाएगा।

उन्होंने एक उदाहरण दिया जिसमें एक व्यक्ति की 1980 में मृत्यु हो गयी थी और उसकी पेंशन का आदेश 1984 से दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘हर मामले में, 30 से 40 लाख रुपये बकाया का भुगतान करने का आदेश दिया जा रहा है।’’

वेंकटरमणी ने कहा कि पंजाब में पेंशन के करीब 8,000 मामले लंबित हैं और इनमें से कई को क्रियान्वयन याचिका में तब्दील कर दिया गया है।

भाषा वैभव पवनेश

पवनेश