शीर्ष अदालत ने फेसबुक पोस्ट की भाषा को लेकर महिला वकील को फटकार लगाई
शीर्ष अदालत ने फेसबुक पोस्ट की भाषा को लेकर महिला वकील को फटकार लगाई
नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को केरल के कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटाथिल पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली एक महिला के बारे में फेसबुक पर ‘आपत्तिजनक’ पोस्ट लिखने के लिए एक महिला वकील को फटकार लगाई।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने दीपा जोसेफ की याचिका खारिज करते हुए कहा, ‘‘एक महिला होकर आपने दूसरी महिला के बारे में किस तरह की टिप्पणियां की हैं… अगर यह सब बकवास किसी पुरुष ने लिखी होती, तो हम उसे यहीं गिरफ्तार करवा देते।’’
जोसेफ को सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में केरल पुलिस द्वारा गिरफ्तारी का डर था। शुरुआत में ही पीठ ने पोस्ट की भाषा और लहजे पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘क्या आपसे इस तरह की भाषा में लिखने की अपेक्षा की जाती है? आप एक वकील हैं।’’ महिला वकील ने कहा कि उनकी पोस्ट में लिखी गई बातें कांग्रेस विधायक के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाने वाली पीड़िता के पति द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित थीं और इसमें मानहानिकारक कुछ भी नहीं था।
प्रधान न्यायाधीश ने पूछा, क्या हम एक महिला वकील से ये सब लिखने की अपेक्षा करते हैं? इसके जवाब में याचिकाकर्ता ने फिर कहा कि उसने कुछ भी मानहानिकारक नहीं लिखा और न ही पीड़िता की पहचान उजागर की गई है।
पीठ ने कहा कि यह भाषा एक महिला के लिए सबसे अपमानजनक है और पूछा कि एक महिला दूसरी महिला के खिलाफ इस तरह कैसे लिख सकती है।
पीठ ने याचिका खारिज कर दी और महिला वकील को किसी भी प्रकार की राहत पाने के लिए उच्च न्यायालय में जाने को कहा।
भाषा संतोष नरेश
नरेश

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