उच्चतम न्यायालय में अगले सप्ताह होगी ‘डिजिटल अरेस्ट’ के पीड़ितों से संबंधित मामले की सुनवाई

उच्चतम न्यायालय में अगले सप्ताह होगी ‘डिजिटल अरेस्ट’ के पीड़ितों से संबंधित मामले की सुनवाई

उच्चतम न्यायालय में अगले सप्ताह होगी ‘डिजिटल अरेस्ट’ के पीड़ितों से संबंधित मामले की सुनवाई
Modified Date: March 16, 2026 / 02:35 pm IST
Published Date: March 16, 2026 2:35 pm IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि शीर्ष अदालत अगले सप्ताह ‘डिजिटल अरेस्ट’ के पीड़ितों से संबंधित एक स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई करेगी।

‘डिजिटल अरेस्ट’, साइबर अपराध का एक बढ़ता हुआ रूप है, जिसमें जालसाज कानून प्रवर्तन एजेंसियों, अदालत या फिर सरकारी एजेंसियों के कर्मचारियों के रूप में खुद को पेश कर ऑडियो और वीडियो कॉल के माध्यम से लोगों को धमकाते हैं।

जालसाज, पीड़ितों को बंधक बना लेते हैं और उन पर रुपये देने का दबाव डालते हैं।

शीर्ष अदालत ने नौ फरवरी को डिजिटल धोखाधड़ी के माध्यम से 54,000 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी को सरासर ‘लूट व डकैती’ बताया था और केंद्र को आरबीआई, बैंकों और दूरसंचार विभाग जैसे हितधारकों के साथ परामर्श कर ऐसे मामलों से निपटने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का निर्देश दिया था।

अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने सोमवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया। शीर्ष विधि अधिकारी ने कहा कि वह दिन में इस मामले पर एक वस्तुस्थिति रिपोर्ट दाखिल करेंगे।

अटॉर्नी जनरल ने दावा किया कि मामले में प्रगति हो रही है और पीठ से अनुरोध किया कि इस मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई हो।

पीठ ने कहा कि मामले को अगले सप्ताह या जल्द से जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

भाषा जितेंद्र शफीक

शफीक


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