दुष्कर्म मामले में आत्मसमर्पण से छूट की तेजपाल की याचिका पर आदेश पारित करेगा उच्चतम न्यायालय

दुष्कर्म मामले में आत्मसमर्पण से छूट की तेजपाल की याचिका पर आदेश पारित करेगा उच्चतम न्यायालय

दुष्कर्म मामले में आत्मसमर्पण से छूट की तेजपाल की याचिका पर आदेश पारित करेगा उच्चतम न्यायालय
Modified Date: August 24, 2026 / 06:18 pm IST
Published Date: August 24, 2026 6:18 pm IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह पत्रकार तरुण तेजपाल की आत्मसमर्पण से छूट के अनुरोध वाली याचिका पर आदेश सुनाएगा। मुंबई उच्च न्यायालय ने बलात्कार के मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

न्यायमूर्ति आलोक अराधे की एकल न्यायाधीश पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। गोवा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि तेजपाल की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि पत्रकार ने आत्मसमर्पण से छूट के लिए अलग से कोई आवेदन दाखिल नहीं किया है।

उन्होंने कहा कि याचिका इस आधार पर भी सुनवाई योग्य नहीं है कि तेजपाल ने इसको लेकर एक प्रमाणपत्र दाखिल नहीं किया है कि उन्होंने उच्चतम न्यायालय नियमावली, 2013 के अनुसार पहले ही आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

शुरुआत में, तेजपाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि उच्चतम न्यायालय के नियम इस मामले में लागू नहीं होते, क्योंकि उच्च न्यायालय ने उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए चार सप्ताह का समय पहले ही दिया है।

भाषा

अमित माधव

माधव


लेखक के बारे में