नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को कथित तौर पर देर रात सर्किट हाउस खाली करने के लिए कहे जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने मामले की औपचारिक जांच कराने और इसे विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का अनुरोध किया।
सुले इस मामले को लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाने वाली तीसरी सांसद हैं। उनसे पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद अरविंद सावंत और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सांसद के. आर. राधाकृष्णन ने भी इस घटना को लेकर बिरला को पत्र लिखा था। उन्होंने मामले की जांच कराने और इसमें शामिल अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की थी।
मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर स्थित सर्किट हाउस को 14 अगस्त की देर रात खाली करने के लिए कहे जाने के मामले में अलग से विशेषाधिकार नोटिस दिया है। यह नोटिस उन्होंने नादिया के जिलाधिकारी श्रीकांत पल्ली, अतिरिक्त जिलाधिकारी नृपेंद्र सिंह और नाजरेथ के उप समाहर्ता अनामिका बेरा के खिलाफ दिया है।
बिरला को लिखे अपने पत्र में सुले ने ‘‘गहरी चिंता और नाराजगी’’ जताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के स्वामित्व वाले कृष्णानगर सर्किट हाउस को खाली करने के लिए मोइत्रा को कथित तौर पर जिस समय और जिस तरीके से कहा गया, उससे प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
राकांपा(शप) नेता सुले ने कहा, ‘‘एक मौजूदा सांसद के खिलाफ इस तरह की अचानक और मनमानी कार्रवाई से उनकी सुरक्षा को लेकर वास्तविक आशंका पैदा होती है और यह बेहद चिंताजनक परंपरा की शुरुआत करता है। इसलिए इस मामले पर आपके कार्यालय को तत्काल ध्यान देना चाहिए।’’
सुले ने कहा कि सार्वजनिक दायित्वों का निर्वहन करते समय किसी सांसद को ‘‘परेशान करने, डराने या संभावित रूप से प्रतिकूल स्थिति में डालने’’ का कोई भी प्रयास संसद की गरिमा और उसके सदस्यों को मिले विशेषाधिकारों व सुरक्षा प्रावधानों पर सीधा प्रहार है।
सुले ने बिरला से दखल देने का आग्रह किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मोइत्रा को पूरी और पर्याप्त सुरक्षा मिले और अधिकारी आगे किसी भी घटना या डराने-धमकाने की कार्रवाई को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं।
भाषा आशीष नरेश
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