ड्रीम सिटी परियोजना पूरी होने के बाद सूरत हीरा व्यापार में विश्व का सुविधाजनक केंद्र बनेगा: मोदी

ड्रीम सिटी परियोजना पूरी होने के बाद सूरत हीरा व्यापार में विश्व का सुविधाजनक केंद्र बनेगा: मोदी

ड्रीम सिटी परियोजना पूरी होने के बाद सूरत हीरा व्यापार में विश्व का सुविधाजनक केंद्र बनेगा: मोदी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:00 pm IST
Published Date: September 29, 2022 12:48 pm IST

सूरत, 29 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि डायमंड रिसर्च एंड मर्केंटाइल (ड्रीम) सिटी परियोजना पूरी हो जाने के बाद सूरत, विश्व के सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक हीरा व्यापार के केंद्र के रूप में विकसित होगा।

प्रधानमंत्री ने यहां 3400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि सूरत के कपड़ा और हीरा कारोबार से देश भर के अनेक परिवारों का जीवन चलता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ड्रीम सिटी परियोजना जब पूरा हो जाएगी तो सूरत, विश्व के सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक डायमंड ट्रेडिंग केंद्र के रूप में विकसित होगा।’’

प्रधानमंत्री ने इससे पहले, ड्रीम सिटी के मुख्य प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया। ड्रीम सिटी परियोजना को सूरत में हीरा कारोबार के तेजी से विकास को बढ़ावा देने के लिए वाणिज्यिक और आवासीय स्थान की बढ़ती मांग को पूरा करने के दृष्टिकोण के साथ शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री ने परियोजना के दूसरे चरण की आधारशिला भी रखी।

मोदी ने कहा कि सूरत शहर लोगों की एकजुटता और जनभागीदारी का बहुत ही शानदार उदाहरण है और हिन्दुस्तान का कोई प्रदेश ऐसा नहीं होगा, जहां के लोग सूरत में न रहते हों।

उन्होंने कहा, ‘‘सूरत की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये शहर श्रम का सम्मान करने वाला शहर है।’’

आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके तहत देश में अभी तक लगभग 4 करोड़ गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज मिल चुका है और इसमें से 32 लाख से अधिक मरीज गुजरात के हैं और लगभग सवा लाख सूरत से हैं।

उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों से विकास के जिस पथ पर सूरत चल पड़ा है, वह आने वाले सालों में और तेज होने वाला है।

उन्होंने कहा, ‘‘यही विकास आज डबल इंजन (केंद्र और राज्य) सरकार पर विश्वास के रूप में झलकता है। जब विश्वास बढ़ता है तो प्रयास बढ़ता है और सबका प्रयास से राष्ट्र के विकास की गति तेज़ होती है।’’

भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र माधव

माधव

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