ममता के माकपा से संपर्क पर शुभेंदु का निशाना, कहा : ‘माकपा-तृणमूल की प्रेम कहानी’
ममता के माकपा से संपर्क पर शुभेंदु का निशाना, कहा : ‘माकपा-तृणमूल की प्रेम कहानी’
कोलकाता, 27 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी से संपर्क साधने पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा और दोनों दलों के बीच उभरते तालमेल को ‘‘माकपा-तृणमूल की प्रेम कहानी’’ करार दिया।
अधिकारी ने आरोप लगाया कि बनर्जी ने उसी माकपा से हाथ मिला लिया है, जिसके खिलाफ उन्होंने दशकों तक संघर्ष किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल में 34 साल तक कथित दमन एवं अन्याय के लिए जिम्मेदार माकपा अब उनकी (तृणमूल कांग्रेस की) मित्र बन गई है। यह माकपा-तृणमूल की प्रेम कहानी है। ममता ने माकपा का हाथ थाम लिया है।’’
भाजपा नेता ने ममता बनर्जी की पार्टी और माकपा के बीच राजनीतिक दूरी कम होने का दावा करते हुए हाल में विधानसभा में विश्वविद्यालय से जुड़े एक विधेयक पर हुए मतदान का हवाला दिया।
उन्होंने दावा किया, ‘‘जिस दिन विधानसभा में विधेयक पारित हुआ, उसी दिन ममता की पार्टी और माकपा औपचारिक रूप से एक साथ आ गए। ममता खेमे के तृणमूल कांग्रेस विधायकों और माकपा के एकमात्र विधायक ने विधेयक के खिलाफ एक साथ मतदान किया।’’
उन्होंने साईबाड़ी और नंदीग्राम की घटनाओं का जिक्र करते हुए दोनों दलों के पुराने राजनीतिक संघर्ष की याद दिलाई।
अधिकारी ने माकपा पर एसआईआर के मुद्दे के जरिए राजनीतिक प्रासंगिकता हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी, माकपा और कांग्रेस अब निर्वाचन आयोग के खिलाफ एक साथ खड़े हैं।
उन्होंने कांग्रेस पर केरलम में एसआईआर का समर्थन और पश्चिम बंगाल में विरोध करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष से चुनावी जनादेश स्वीकार करने को कहा। अधिकारी ने यह भी दावा किया कि विपक्ष एसआईआर के मुद्दे को उठाकर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों से ध्यान भटकाना चाहता है।
भाषा गोला रंजन
रंजन

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