शुभेंदु ने राज्य में मध्याह्न भोजन कार्यक्रम में इस्कॉन की भूमिका का समर्थन किया

शुभेंदु ने राज्य में मध्याह्न भोजन कार्यक्रम में इस्कॉन की भूमिका का समर्थन किया

शुभेंदु ने राज्य में मध्याह्न भोजन कार्यक्रम में इस्कॉन की भूमिका का समर्थन किया
Modified Date: July 16, 2026 / 08:42 pm IST
Published Date: July 16, 2026 8:42 pm IST

कोलकाता/तामलुक, 16 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकार के स्कूलों की मध्याह्न भोजन योजना में अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) को शामिल करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि संगठन के पास बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का पर्याप्त अनुभव है।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस्कॉन एक अगस्त से कोलकाता के स्कूलों में मध्याह्न भोजन का वितरण शुरू करेगा। इसके बाद इस कार्यक्रम का विस्तार नादिया जिले और फिर धीरे-धीरे पूरे राज्य में किया जाएगा।

सरकार के इस फैसले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस्कॉन देश के कई शहरों में इसी तरह की योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन कर चुका है और अब उसके अनुभव का लाभ पश्चिम बंगाल को भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘स्कूल मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बच्चों को उचित पोषण देना भी है। पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है। हमारे स्कूलों में मध्याह्न भोजन पर निर्भर रहने वाले अधिकतर छात्र मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं, इसलिए कुपोषण से निपटने के लिए पौष्टिक भोजन आवश्यक है।’’

पिछली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर निशाना साधते हुए शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में मध्याह्न भोजन योजना में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में राज्य की मध्याह्न भोजन योजना में जिस तरह के भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए, वे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। बच्चों के भोजन में अनियमितता किसी पाप से कम नहीं है। आने वाले दिनों में इस्कॉन मध्याह्न भोजन की जिम्मेदारी निभाएगा और सुनिश्चित करेगा कि हमारे बच्चों को बेहतर गुणवत्ता वाला पौष्टिक आहार मिले। यही हमारा कर्तव्य है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भविष्य में कल्याणकारी कार्यक्रमों में और आध्यात्मिक एवं धर्मार्थ संगठनों को शामिल करने का इरादा रखती है।

भाषा शफीक अविनाश

अविनाश


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