स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमनाथ मंदिर पर प्रधानमंत्री मोदी के ‘ब्लॉगपोस्ट’ का स्वागत किया

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमनाथ मंदिर पर प्रधानमंत्री मोदी के 'ब्लॉगपोस्ट' का स्वागत किया

  •  
  • Publish Date - January 6, 2026 / 06:41 PM IST,
    Updated On - January 6, 2026 / 06:41 PM IST

नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर के पुजारियों और भक्तों के उस दर्द को व्यक्त किया है जो उन्होंने 1000 साल पहले मुस्लिम आक्रमणकारी महमूद गजनी द्वारा मंदिर पर किए गए पहले हमले के दौरान सहा था।

प्रधानमंत्री ने सोमवार को गुजरात के सोमनाथ मंदिर की प्रशंसा करते हुए कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों के बार-बार हमलों के बाद पुनर्निर्मित यह मंदिर भारतीय सभ्यता की अदम्य भावना का प्रतीक है।

सोमनाथ मंदिर पर पहले हमले के 1000 वर्ष पूरे होने पर लिखे एक ‘ब्लॉगपोस्ट’ में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी सभ्यता की अदम्य भावना का सोमनाथ से बेहतर कोई उदाहरण नहीं हो सकता, जो तमाम मुश्किलों और संघर्षों से पार पाते हुए गौरव के साथ खड़ा है।’’

मोदी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भी निशाना साधा और कहा कि 1951 में मंदिर के उद्घाटन से वे उत्साहित नहीं थे।

मोदी के ‘ब्लॉगपोस्ट’ की सराहना करते हुए शंकराचार्य ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में सोमनाथ मंदिर के पुजारियों और भक्तों के उस दर्द को व्यक्त किया है जिसे महमूद गजनी द्वारा मंदिर पर हमला करके उसे नुकसान पहुंचाने के बाद उन्हें सहना पड़ा था।’’

अपने लेख में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि प्रधानमंत्री यह संदेश देना चाहते हैं कि ‘‘आप मंदिर और प्रतिमा को तोड़ सकते हैं, लेकिन सोमनाथ को नष्ट नहीं कर सकते।’’ शंकराचार्य ने साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री यह भी संदेश देना चाहते हैं कि ‘‘भविष्य में ऐसा कोई भी प्रयास सफल नहीं होगा।’’

भाषा

संतोष पवनेश

पवनेश