सरकार और कॉजपा के बीच आज ‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब’ में होगी वार्ता

सरकार और कॉजपा के बीच आज ‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब’ में होगी वार्ता

सरकार और कॉजपा के बीच आज ‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब’ में होगी वार्ता
Modified Date: July 24, 2026 / 10:33 am IST
Published Date: July 24, 2026 10:33 am IST

नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के बीच शुक्रवार को यहां ‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया’ में बातचीत होने वाली है। संगठन ने कहा कि केंद्र सरकार ने बैठक तटस्थ स्थान पर आयोजित किए जाने की उसकी मांग स्वीकार कर ली है।

हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है।

यह घटनाक्रम सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा उनकी मुख्य मांगों पर सरकार से मिले आश्वासन के बाद बृहस्पतिवार देर रात 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म करने के कुछ घंटों बाद सामने आया है।

केंद्र सरकार और कॉजपा सदस्यों के बीच बैठक दोपहर करीब साढ़े 12 बजे होने की संभावना है।

कॉजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि संगठन सरकार द्वारा ‘‘किसी तटस्थ स्थान पर बैठक की मांग स्वीकार करने’’ के फैसले का स्वागत करता है।

दास ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई है। हमें बेहद खुशी है कि सरकार ने हमारी इस मांग को स्वीकार कर लिया कि बैठक किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए और इसके लिए ‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया’ को चुना गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि सरकार खुले मन से आएगी और लोगों की बात सुनेगी।’’

कॉजपा ने इससे पहले किसी मंत्री के आवास या कार्यालय में वार्ता करने के सरकार के निमंत्रण को ठुकरा दिया था और इस बात पर जोर दिया था कि बातचीत किसी तटस्थ स्थान पर ही होनी चाहिए।

दोनों पक्षों के बीच पिछली दौर की वार्ता 20 जुलाई को हुई थी, जब कॉजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की थी।

दोनों नेताओं ने बाद में आरोप लगाया था कि बैठक के दौरान उन्हें ‘‘वर्चुअल नजरबंदी’’ में रखा गया था। उन्होंने कहा था कि इसके बाद उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सरकार के साथ भविष्य में होने वाली सभी वार्ताएं केवल किसी तटस्थ स्थान पर ही होंगी।

कॉजपा ने कहा है कि जंतर-मंतर पर उसका प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।

प्रधान के इस्तीफे की मांग के अलावा संगठन ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने, नीट प्रश्नपत्र लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने तथा आंदोलन में शामिल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकियां और अन्य कानूनी कार्रवाई वापस लेने की भी मांग की है।

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी


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