तमिलनाडु: बस किराया विवाद के बीच विनायगर चतुर्थी पर बसों की संख्या में 38 प्रतिशत वृद्धि

तमिलनाडु: बस किराया विवाद के बीच विनायगर चतुर्थी पर बसों की संख्या में 38 प्रतिशत वृद्धि

तमिलनाडु: बस किराया विवाद के बीच विनायगर चतुर्थी पर बसों की संख्या में 38 प्रतिशत वृद्धि
Modified Date: September 13, 2026 / 04:46 pm IST
Published Date: September 13, 2026 4:46 pm IST

चेन्नई, 13 सितंबर (भाषा) तमिलनाडु में राज्य परिवहन उपक्रम (एसटीयू) ने सप्ताहांत में विनायगर (गणेश) चतुर्थी के त्योहार के मद्देनजर बसों के परिचालन में 38 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि दर्ज की।

छुट्टियों के दौरान यात्रियों की भीड़ को प्रबंधित करने के लिए 4,600 से अधिक सरकारी बसें सेवा में लगाई गई हैं।

राज्य में परिवहन व्यवस्था पर निजी बस संचालकों की ओर से किराये में भारी बढ़ोतरी का मुद्दा हावी रहा, जिसके कारण यात्रियों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताई।

परिचालन आंकड़ों के अनुसार, 11 और 12 सितंबर को परिवहन निगमों ने कुल 4,629 नियमित व विशेष बसों का परिचालन किया।

यह संख्या वर्ष 2025 में इसी त्योहार अवधि के दौरान चलाई गई 3,313 बसों की तुलना में 1,266 अधिक है।

सबसे अधिक यात्रियों की आवाजाही विलुप्पुरम (वीपीएम) मंडल से हुई, जहां दो दिन में 2,223 बसों को परिचालन में लगाया गया।

यह वर्ष 2025 की तुलना में 39 प्रतिशत अधिक है।

दक्षिणी जिलों के लिए जाने वाले मार्गों पर बसों की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई।

तिरुनेलवेली (टीएनवी) के लिए बसों का परिचालन 113 प्रतिशत बढ़ा, जबकि मदुरै (एमडीयू) मार्ग पर पिछले साल की तुलना में 62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कुंभकोणम (केयूएम) मंडल में भी यात्रियों की मांग को पूरा करने के लिए बसों की संख्या में 71 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए राज्य परिवहन उपक्रम (एसटीयू) ने वास्तविक समय में बसों के परिचालन की गति बढ़ा दी।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 12 सितंबर को अपराह्न दो बजे तक परिवहन अधिकारियों ने राज्यभर में 2,258 बसें रवाना कीं, जो पूरे दिन के लिए निर्धारित 2,169 बसों के लक्ष्य से अधिक थीं।

पिछले साल विनायगर चतुर्थी सप्ताह के बीच में पड़ी थी, जबकि इस साल यह शनिवार और रविवार की छुट्टी के साथ पड़ी है।

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


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