चेन्नई, 15 फरवरी (भाषा) तमिलनाडु में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रवीण चक्रवर्ती ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की प्रमुख महिला सहायता योजना पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि चुनाव जीतने के लिए केवल इसी योजना पर निर्भर नहीं रहा जा सकता।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में सत्ता में रहते हुए इसी तरह की पहल की घोषणा करने वाली नौ राजनीतिक पार्टियों में से पांच चुनाव हार गईं। इनमें तेलंगाना में कांग्रेस और युवजन श्रमिक रायथु कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) शामिल हैं।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घोषणा की है कि सरकार ‘कलेग्नार मगलीर उरिमाई थोगई’ योजना की महिला लाभार्थियों के खातों में 5,000 रुपये जमा करेगी।
चक्रवर्ती प्रोफेशनल्स कांग्रेस एंड डेटा एनालिटिक्स के अध्यक्ष हैं और उनकी यह टिप्पणी मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा घोषणा किए जाने के कुछ दिनों बाद आई है।
चक्रवर्ती ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मगलीर उरिमाई थोगई योजना एक बहुत अच्छी कल्याणकारी पहल है; इसका कार्यान्वयन सराहनीय है। लेकिन यह मानना अंधविश्वास है कि केवल इसी से चुनावी सफलता सुनिश्चित हो जाएगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन वर्षों में, बड़े राज्यों की नौ सरकारों में से केवल चार ने ही ऐसी योजनाओं की घोषणा की और उन्हें जीत हासिल हुई।’’
चक्रवर्ती ने उन राजनीतिक दलों के बारे में भी जानकारी साझा की जो चुनाव हार गए थे, जिनमें राजस्थान और छत्तीसगढ़ में क्रमशः कांग्रेस की ‘महंगाई राहत’ और ‘गृह लक्ष्मी योजना’ शामिल थीं।
कांग्रेस पार्टी को 2023 के चुनावों में दोनों राज्यों में हार का सामना करना पड़ा था।
स्टालिन ने शनिवार को कहा था कि सरकारी योजना की 1.31 करोड़ महिला लाभार्थियों के खाते में 5,000 रुपये जमा करने के उनके फैसले ने लोगों को ‘आश्चर्यचकित’ कर दिया है और इस कल्याणकारी पहल को रोकने की कोशिश करने वाले ‘दुश्मनों को चौंका दिया’ है।
भाषा रविकांत दिलीप
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