चेन्नई, नौ सितंबर (भाषा) कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष मणिक्कम टैगोर ने 2024 की कल्लाकुरिची जहरीली शराब त्रासदी को लेकर न्यायमूर्ति पी. गोकुलदास आयोग की रिपोर्ट के निष्कर्षों पर गंभीर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
उन्होंने यह जांच कराने की मांग भी की कि क्या अवैध शराब कारोबार को किसी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था।
टैगोर ने बुधवार को एक बयान में जांच आयोग के निष्कर्षों का उल्लेख किया। इस आयोग ने 17 से 20 जून, 2024 के बीच कल्लाकुरिची में जहरीली शराब पीने से हुई 70 लोगों की मौत की जांच की थी।
उन्होंने कहा कि हाल में विधानसभा में पेश की गई आयोग की रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया है कि यह त्रासदी मुख्य रूप से अधिकारियों द्वारा अपने कर्तव्यों का उचित तरीके से निर्वहन नहीं करने के कारण हुई।
टैगोर ने कहा कि यह रिपोर्ट अवैध शराब कारोबार के संबंध में आयोग द्वारा 433 लोगों से पूछताछ के बाद तैयार की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 1971 से लगातार सरकारों द्वारा शराबबंदी नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रहने के कारण राज्य में बड़े पैमाने पर शराब की लत बढ़ी।
उन्होंने दावा किया कि वैध तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टैस्मैक) की शराब और अवैध शराब के बीच कीमतों में भारी अंतर के कारण गरीब और कमजोर वर्ग के लोग सस्ती अवैध शराब की ओर आकर्षित हुए, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों की जान चली गई।
टैगोर ने आयोग की कल्याण संबंधी सिफारिशों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने पीड़ित परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया था, लेकिन अब राज्य सरकार को उन बच्चों को मानवीय सहायता देनी चाहिए जिन्होंने अपने पिता को खो दिया है।
उन्होंने सरकार से इन बच्चों को भोजन, आवास, शिक्षा सहायता और सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि तमिलनाडु के लोगों को लंबे समय तक सामाजिक राहत तभी मिल सकती है, जब राज्य को जल्द से जल्द शराब की लत के प्रभाव से मुक्त किया जाए।
जांच आयोग ने इस त्रासदी के लिए निषेध और आबकारी विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। इसके अलावा कल्लाकुरिची, शंकरापुरम और कच्चिरापालयम के थानों में तैनात उप निरीक्षक, निरीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारियों तथा कल्लाकुरिची और तिरुकोविलूर में निषेध प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों को भी जिम्मेदार माना गया है।
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