चेन्नई, 21 फरवरी (भाषा) तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने आगामी विधानसभा चुनावों में सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत के लिए शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता टी आर बालू की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की।
डीएमडीके को गठबंधन में शामिल करने के इस कदम ने उसकी प्रतिद्वंद्वी अन्नाद्रमुक को झटका दिया है, जो आगामी विधानसभा चुनाव में द्रमुक का सामूहिक रूप से मुकाबला करने के लिए विजयकांत द्वारा स्थापित पार्टी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल करने का प्रयास कर रही थी।
द्रमुक के एक सूत्र ने बताया कि पार्टी 22 फरवरी से अपने सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे को लेकर बातचीत शुरू कर सकती है।
डीएमडीके को समायोजित करने के अलावा पार्टी के इस चुनाव के लिए कांग्रेस को अधिक सीट आवंटित करने की संभावना है।
तमिलनाडु में गठबंधन सरकार की किसी भी संभावना को खारिज करते हुए द्रमुक के सहयोगी एमडीएमके प्रमुख वाइको ने कहा कि द्रविड़ पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
वाइको ने कहा, ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि द्रमुक अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन 2026 के विधानसभा चुनाव जीतकर फिर से सरकार बनाएंगे।’’
वाइको ने शनिवार को दक्षिणी जिले तिरुनेलवेली में पत्रकारों से कहा, ‘‘आगामी चुनाव शक्ति प्रदर्शन की बड़ी परीक्षा नहीं होंगे। द्रमुक ज्यादातर सीट पर जीत हासिल करेगी। मैं फिर से दोहराना चाहता हूं कि गठबंधन सरकार बनने की कोई संभावना नहीं है।’’
द्रमुक के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘हमारे नेता (स्टालिन) ने सहयोगी दलों को चुनावी माहौल के लिए तैयार कर दिया है। वादे के मुताबिक, हमारे अध्यक्ष ने समिति का गठन कर दिया है और वह बातचीत को तेजी से आगे बढ़ाएंगे और संभवतः इस महीने के अंत तक या अगले महीने की शुरुआत में इसे पूरा कर लेंगे, ताकि पार्टी संयुक्त चुनाव अभियान चला सकें।’’
उन्होंने कहा कि द्रमुक ने अपनी ओर से प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को समझाने और ‘‘केंद्र और उसके गुलाम अन्नाद्रमुक के विश्वासघात को उजागर करने’’ के लिए एक जनसंपर्क अभियान चलाया है।
दिलचस्प बात यह है कि अन्नाद्रमुक से निष्कासित नेता ओ पनीरसेल्वम ने 20 फरवरी को सत्र समाप्त होने के बाद विधानसभा परिसर में स्टालिन से मुलाकात की और उनका अभिवादन किया। बाद में उन्होंने कहा कि स्टालिन सत्ता में वापस लौटेंगे। पनीरसेल्वम ने पत्रकारों से कहा था कि यह विचार द्रमुक सरकार के सुशासन के प्रति जनता की भावनाओं को दर्शाता है।
उनकी यह टिप्पणी अन्नाद्रमुक को रास नहीं आई और उसने इसकी आलोचना करते हुए इसे ‘‘विश्वासघात’’ बताया।
अन्नाद्रमुक के एक वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘उन्हें पार्टी में उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया और यहां तक कि अम्मा (दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता) द्वारा उपमुख्यमंत्री भी बनाया गया। अब वह अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए द्रमुक नेता की प्रशंसा करके अन्नाद्रमुक के प्रति विश्वासघात करने को तैयार हैं।’’
इससे पहले, अपनी बूथ समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण देने और सदस्यता अभियान चलाने पर ध्यान केंद्रित कर रही द्रमुक ने कहा कि सहयोगियों के साथ बातचीत शुरू करने के लिए समिति गठित की गयी है।
पार्टी के कोषाध्यक्ष बालू इस समिति के प्रमुख होंगे। द्रमुक के प्रधान सचिव के एन नेहरू, उप महासचिव तिरुचि शिवा और ए राजा, संगठन सचिव आर एस भारती और द्रमुक की उच्च स्तरीय कार्यकारी समिति के सदस्य ई वी वेलू और एम आर के पनीरसेल्वम भी समिति के सदस्य हैं।
द्रमुक द्वारा घोषणा किए जाने के कुछ ही घंटों बाद वाइको ने भी अपनी पार्टी मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) की ओर से एक समिति के गठन की घोषणा की।
चार सदस्यीय समिति में एमडीएमके के परिषद अध्यक्ष अर्जुन राज, कोषाध्यक्ष एम सेंथिलदीपन, उच्च स्तरीय समिति सदस्य सु जीवन और चुनाव सचिव वी शेषन शामिल हैं।
पार्टी महासचिव वाइको ने यहां एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘यह समिति धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन का नेतृत्व कर रही द्रविड़ मुनेत्र कषगम के साथ 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए बातचीत करेगी।’’
भाषा
गोला दिलीप
दिलीप