तमिलनाडु : 100 करोड़ रुपये की पलानी मंदिर भूमि धोखाधड़ी मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार
तमिलनाडु : 100 करोड़ रुपये की पलानी मंदिर भूमि धोखाधड़ी मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार
डिंडीगुल (तमिलनाडु), 29 जुलाई (भाषा) डिंडीगुल जिले में स्थित प्रसिद्ध पलानी मुरुगन मंदिर से जुड़े एक मठ की बेशकीमती जमीन कथित तौर पर फर्जी विलेख पत्र तैयार कर निजी लोगों के नाम करने के मामले की जांच कर रही तमिलनाडु सीबी-सीआईडी ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि इन गिरफ्तारियों से मंदिर के नजदीक 1.4 एकड़ जमीन के चर्चित मामले में एक बड़ी कामयाबी मिली है।
अधिकारियों के मुताबिक इस जमीन का इस्तेमाल श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त पार्किंग सेवा मुहैया कराने के लिए किया जा रहा है और इसकी बाजार कीमत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। उन्होंने बताया कि इस महीने की शुरुआत में यह महज दो करोड़ रुपये के बदले निजी लोगों के नाम पंजीकृत कर दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि 1888 के एक स्थायी बंदोबस्ती विलेख के तहत यह जमीन केवल धार्मिक और परमार्थ कार्यों के लिए समर्पित थी और इसकी किसी भी तरह की व्यावसायिक बिक्री या हस्तांतरण पर रोक थी इसके बावजूद छह जुलाई को यह जमीन निजी लोगों के नाम पंजीकृत कर दी गई। इस पंजीकरण के दौरान हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग की स्पष्ट और लिखित आपत्तियों को भी नजरअंदाज किया गया।
राज्य सरकार ने इससे पहले गैरकानूनी तरीके से भूखंड पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पलानी के संयुक्त उप पंजीयक जस्टिन मणिकंदन और जिला पंजीयक शशिकला को निलंबित कर दिया था।
मणिकंदन को मद्रास उच्च न्यायालय से इस मामले में अंतरिम अग्रिम जमानत मिली है और हाल में उनसे अपराध शाखा- अपराध अन्वेषण विभाग (सीबी-सीआईडी)ने सात घंटे तक पूछताछ की थी। सीबी-सीआईडी को 15 जुलाई को मामले की जांच सौपी गई थी और इस मामले में अबतक कई अधिकारियों सहित 80 लोगों से पूछताछ की गई है।
मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै खंडपीठ पहले ही मामले में हस्तक्षेप कर है और विवादित बिक्री विलेख को अमान्य घोषित कर चुकी है।
भाषा धीरज शोभना
शोभना

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