तमिलनाडु: तीन पूर्व मंत्री और अन्नाद्रमुक नेता टीवीके में शामिल

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तमिलनाडु: तीन पूर्व मंत्री और अन्नाद्रमुक नेता टीवीके में शामिल

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  • Publish Date - July 2, 2026 / 03:46 PM IST,
    Updated On - July 2, 2026 / 03:46 PM IST

चेन्नई, दो जुलाई (भाषा) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. सी. विजयभास्कर, एम. आर. विजयभास्कर और एम. एस. एम. आनंदन अपने-अपने समर्थकों के साथ बृहस्पतिवार को मामल्लापुरम में आयोजित एक कार्यक्रम में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल हो गये।

अन्नाद्रमुक के ये नेता टीवीके के महासचिव एन. आनंद की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए।

वहीं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने इस घटनाक्रम पर ‘वॉशिंग मशीन’ का तंज कसा।

विरालीमलाई से विधायक पद से इस्तीफा देने वाले सी. विजयभास्कर, अन्नाद्रमुक के टिकट पर जीत हासिल कर करूर सीट छोड़ने वाले एम. आर. विजयभास्कर और आनंदन सहित पूर्व विधायक मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में शासन की सराहना करते हुए सत्तारूढ़ दल में शामिल हो गए।

टीवीके के मुख्य समन्वयक के. ए. सेंगोट्टैयन ने कहा कि अन्नाद्रमुक के मौजूदा नेतृत्व से निराश होने के बाद उन्होंने सही पार्टी का रुख किया है क्योंकि वर्तमान नेतृत्व एक राजनीतिक संगठन के बजाय ‘कॉरपोरेट कंपनी’ की तरह काम कर रहा है।

सेंगोट्टैयन ने अन्नाद्रमुक से उनके बाहर निकलने का बचाव कर पार्टी महासचिव पलानीस्वामी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘विश्वासघात’ का प्रतीक बताया।

सेंगोट्टैयन को नवंबर 2025 में अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने निष्कासित कर दिया था।

उन्होंने कहा, “अन्नाद्रमुक नेतृत्व ने द्रमुक जैसे कट्टर प्रतिद्वंद्वी दल के साथ तालमेल करने की कोशिश कर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विश्वासघात किया है। विश्वासघात का स्रोत वहीं है।”

सेंगोट्टैयन ने टीवीके के संस्थापक और विजय को ‘स्थायी मुख्यमंत्री’ बताया।

द्रमुक की उपमहासचिव कनिमोई ने कई नेताओं के अन्नाद्रमुक छोड़ने के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए ‘एक्स’ पर कहा, “सुना है कि उत्तर भारत में भाजपा जिस तरह की ‘वॉशिंग मशीन’ का इस्तेमाल करती थी, वह अब तमिलनाडु भी पहुंच गई है। कहा जा रहा है कि तमिलनाडु मॉडल की यह नई मशीन गुटखा के दाग भी साफ कर सकती है… क्या यह सच है?”

द्रमुक सांसद का यह बयान सी. विजयभास्कर की गुटखा घोटाला मामले में कथित संलिप्तता की ओर इशारा था।

यह मामला सीबीआई से सांसदों और विधायकों से जुड़े आपराधिक मामलों की विशेष अदालत को स्थानांतरित किया गया था।

द्रमुक के आईटी प्रकोष्ठ ने पार्टी के मुखपत्र ‘मुरासोली’ में प्रकाशित एक संपादकीय का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि पूर्व परिवहन मंत्री एम. आर. विजयभास्कर को 100 करोड़ रुपये के चर्चित भूमि हड़पने और धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

आईटी प्रकोष्ठ ने पोस्ट में कहा कि एम. आर. विजयभास्कर को केरल से गिरफ्तार कर जांच के लिए राज्य लाया गया था और तिरुचिरापल्ली जेल में रखा गया था।

द्रमुक ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि आयकर विभाग ने भी इस संबंध में एक अलग मामला दर्ज किया है।

पार्टी ने सवाल किया, “मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को भ्रष्टाचार पर बोलने का क्या नैतिक अधिकार है?”

डॉ. सी. विजयभास्कर ने टीवीके में शामिल होने से पहले संवाददाताओं से कहा कि यह सामूहिक फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया बल्कि उनके समर्थकों, जिला पदाधिकारियों और उनके विरालीमलाई विधानसभा क्षेत्र के लोगों के साथ कई दौर की चर्चा के बाद लिया गया।

उन्होंने कहा कि सभी लोग एकमत से राजनीतिक बदलाव चाहते थे।

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने अपने इस फैसले के लिए वर्तमान अन्नाद्रमुक नेतृत्व द्वारा लिए गए ‘गलत निर्णयों’ को जिम्मेदार ठहराया।

पूर्व परिवहन मंत्री एम. आर. विजयभास्कर भी करूर के अपने समर्थकों के साथ आधिकारिक तौर पर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल हो गए।

इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पुडुकोट्टई जिले और करूर से उनके सैकड़ों समर्थक बसों व अन्य वाहनों से पहुंचे।

पूर्व मंत्री आनंदन ने वर्तमान अन्नाद्रमुक नेतृत्व के प्रति गहरी नाराजगी जताई।

आनंदन ने 45 वर्षों तक अन्नाद्रमुक में रहने के बाद पार्टी छोड़कर टीवीके का दामन थाम लिया।

उन्होंने पार्टी के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी की आलोचना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी एक ‘आत्म-केंद्रित’ संगठन बन गई है, जिसने अपने निष्ठावान कार्यकर्ताओं की चिंताओं और उनकी मेहनत की अनदेखी की है।

आनंदन ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें तमिलनाडु की राजनीति का भविष्य टीवीके में दिखाई देता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व और अगले पांच वर्षों तक प्रभावी शासन देने की पार्टी की क्षमता पर विश्वास जताया।

इसके अलावा, आनंदन ने ‘खरीद-फरोख्त’ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह और अन्य लोग किसी बाहरी दबाव या भ्रष्ट प्रभाव के कारण नहीं बल्कि इस आंदोलन में अपने विश्वास के कारण अपनी इच्छा से पार्टी में शामिल हो रहे हैं।

उनके साथ तिरुचिरापल्ली की वलारमति तथा जिला सचिव पी. के. वैरामुथु, इलम्बई तमिलसेलवन, ओराथानाडु सेकर और त्रिची श्रीनिवासन भी टीवीके में शामिल हुए।

भाषा जितेंद्र वैभव

वैभव