पटनाः Teachers Leave New Rules कई सरकारी स्कूलों में एक ही दिन कई शिक्षक छुट्टी पर चले जाते हैं। किसी भी समय शिक्षक अवकाश ले लेते हैं। जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित तो होती ही है। साथ ही साथ दूसरे शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ जाता है। अनावश्यक अवकाश लेने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बिहार में नई स्कूल लीव पॉलिसी में इसके लिए भी प्रावधान कर दिया गया है। छुट्टी को लेकर राज्य सरकार से मिले निर्देशों के बाद अब शिक्षकों के लिए यह गाइडलाइन जारी कर दी है।
नए नियमों के मुताबिक एक शिक्षक को साल में अधिकतम 16 दिन आकस्मिक अवकाश मिलेगा। साल के बीच में पोस्टिंग पाए शिक्षकों को 1.33 दिन प्रति महीने के हिसाब से छुट्टी दी जाएगी। विशेष आकस्मिक छुट्टी महीने में अधिकतम दो लगातार दिनों के लिए और केवल एक बार ही मिलेगी। इसे रविवार, बाकी सार्वजनिक छुट्टियों से जोड़कर ज्यादा से ज्यादा 12 दिन की छुट्टी ली जा सकेगी। वहीं एक साथ लंबी छुट्टी जोड़ने की मनमानी भी खत्म कर दी जाएगी। अब गर्मी की छुट्टी, दुर्गा पूजा, दिवाली या छठ के साथ सीएल नहीं जोड़ पाएंगे। प्रधान शिक्षक को हर शिक्षक की छुट्टी का अलग रिकॉर्ड रखना होगा। नियम तोड़ने पर विभागीय कार्रवाई तय है।
पहले सूचना देना अनिवार्य, व्हाट्सऐप से छुट्टी नहीं चलेगी
Teachers Leave New Rules अब सामान्य परिस्थितियों में भी बिना किसी पूर्व स्वीकृति के अवकाश लेना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। नई Bihar school leave policy के तहत अब सिर्फ आकस्मिक स्थिति में शिक्षक मोबाइल/व्हाट्सऐप पर सूचना देकर छुट्टी पर जा सकते हैं, लेकिन औपचारिक आवेदन एक दिन पहले देना ही होगा। छुट्टीयों के नए आदेश जारी करने के साथ ही डीईओ की ओर से चेतावनी भी दी गई है। जो प्रिंसिपल या प्रधान शिक्षक नियम तोड़ेंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अब बिना अनुमति छुट्टी मुश्किल
नए आदेश के बाद अब टीचर मनमर्जी से छुट्टी नहीं ले सकेंगे।
प्राथमिक स्कूल: एक दिन में सिर्फ एक शिक्षक को छुट्टी मिलेगी।
मध्य/उच्च माध्यमिक: सिर्फ 10% शिक्षक ही छुट्टी पर जा सकेंगे।
इससे ज्यादा अवकाश देने से पहले नियंत्रक पदाधिकारी से मंजूरी जरूरी होगी।