हैदराबाद, दो जुलाई (भाषा) तेलंगाना मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी योजना’ को लागू करने का फैसला किया लेकिन उसने कहा कि सरकार राज्य के हितों की रक्षा के लिए इसके ख़िलाफ शीर्ष अदालत का दरवाज़ा खटखटाएगी।
नई योजना ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह ली है।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के सूचना और जनसंपर्क मंत्री पी श्रीनिवास रेड्डी ने पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकारों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित पक्षों की आपत्तियों के बावजूद केंद्र ने एकतरफा ढंग से विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी कानून लागू किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने इस योजना को स्वीकार करते हुए अपने अधिकारों की रक्षा के लिए उच्चतम न्यायालय जाने का फैसला किया है।’’
‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025’ पूरे देश में एक जुलाई से लागू हो गया है। इसके तहत ग्रामीण मज़दूरों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। इस कानून में राज्यों पर कुल खर्च का 40 प्रतिशत हिस्सा उठाने की ज़िम्मेदारी भी डाली गई है।
भाषा
राजकुमार माधव
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